केवल नॉकरी से आप अमीर नही बनेंगे

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अधिकांश लोग इससे अनभिज्ञ हैं की ऐसी क्या चीज है जो उन्हें आर्थिक रूप से धनवान बनने से रोकती है?
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चार्ल्स टिप्स, सेवानिवृत्त उद्यमी, TranZact के संस्थापक, पूर्व विज्ञान संपादक, द्वारा दिया गया जवाब

जीविकोपार्जन के लिए काम करने वाला कभी अमीर नहीं बन सकता – मेरी पिताजी मुझे अक्सर ये बात कहते थे

दुनिया में इसका क्या मतलब हो सकता है कि काम करने से आप अमीर नहीं बनते? किसी और के लिए दिन में आठ घंटे काम करने से बेहतर है अपने लिए दिन में आठ घंटे काम करें, और सप्ताहांत में दिन के बारह घंटे।”

पैसे के लिए अपना समय बेचने से आप आगे नहीं निकल सकते। किसी भी कंपनी का मानव संसाधन विभाग इस बात को जानता है कि अपेक्षित प्रतिभा प्राप्त करने के लिए उन्हें प्रति घंटे कितना भुगतान करना पड़ता है। अगर आपके पास एक प्रतिष्टित डिग्री होने के बाद; आपको एक बड़ी कंपनी में नॉकरी मिल जाती है तो भी अपना खर्च निकालने के बाद आप कमाई का एक तिहाई भी नही बचा पाएंगे।

तो, आपको आर्थिक रूप से अमीर बनने के लिए क्या जानना होगा?

संभवत: आपको जो पहले यह जान लेना चाहिए कि आप धनवान बनने के लिए काम करना चाहते है, ना कि सिर्फ आर्थिक रूप से धनवान। समझदार लोग जानते हैं कि पैसा सिर्फ आदान प्रदान का एक साधन है जोकि भूतकाल में बनी हुई वस्तुओं को खरीदने या बेचने के काम आता है। इसलिए कुछ बातें आपको समझ लेनी चाहिए जिससे आप वह मौका ना चूक जाएं जो आपको लक्ष्य के करीब लेकर जा सकता है।

अपने लक्ष्य को पहचानो और उस पर हमेशा नजर रखो Aim on Target

शुरुआत में ही बहुत ज्यादा पैसा लगा देना धनवान होने की गारंटी नहीं है। सबसे जरूरी चीज जो धनवान बनने के लिए चाहिए वह है लाभ। कई बार ऐसा होता है कि आप लाखों रुपए का कारोबार करते हो लेकिन आपके प्रॉफिट उस की अपेक्षा कुछ भी नहीं होते हैं। बड़े होने से ज्यादा जरूरी लाभदायक होना है; क्योंकि ताश के पत्तों का एक बहुत बड़ा घर बहुत जल्दी गिरता है।

बिजनेस शुरू करने में आपको मेहनत करनी पड़ती है, लेकिन कमाई और स्वतंत्रता भी ज्यादा होती है।

दूसरों के पैसे से कमाना Financial Leverage

आपको अपने लिए खरीददार ढूंढना है जो आपके सामान को खरीद सके। उदाहरण के लिए कोई व्यवसाई है; जिसको अपनी कंपनी में प्रोडक्शन करने के लिए 200 मोटरों की जरूरत है; और वह एक मोटर के लिए ₹3000 देने के लिए तैयार हैं। अब आपको सिर्फ इतना करना है की वह मोटर आप कहीं से 2500 रुपये में लेकर उसको 3000 में बेच सकते हैं। तथा आप ज्यादा मेहनत करते हैं तो एक मोटर पर आप इससे भी ज्यादा कमाई कर पाएंगे।इसको ही फाइनेंशियल लेवरेज बोला जाता है।

5 लाख की राशि में 5 बिज़नेस शुरू करके 2 लाख तक कमाई करने के तरीके

परिश्रम का लाभ Labour Leverage

एक बार लेखक ने अपनी युवावस्था में गाड़ी धुलाई के लिए एक गैराज में पार्क की। जब दूसरी बार लेखक अपनी गाड़ी धुलवाने के लिए लाया तो गैराज का मालिक उसे सूट बूट में दिखाई दिया। उसने लेखक से हजार रुपए लिए तथा एक दूसरे बंदे को गाड़ी धोने के लिए लगा दिया। शहर में दूसरी जगह पर भी लेखक को उसी मालिक के गाड़ी धुलने वाले लोग दिखाई देने लगे।लेखक ने यह देखकर उस गैराज के मालिक की कमाई का हिसाब किताब लगाने की सोची। यह देखकर लेखक हैरान रह गया कि गैराज का मालिक उससे हर घंटे लगभग 5 गुना ज्यादा पैसे कमा रहा था। और उसके काम में लेख़क की अपेक्षा मानसिक तनाव कुछ भी नहीं था। यहीं से आप परिश्रम के लाभ का सबक सीख सकते हैं। इसका सीधा सा मतलब है कम परिश्रम में ज्यादा से ज्यादा लाभ लेना।

मौके की नजाकत Spotting Opportunity

जब कोई भविष्य की सोचने वाला व्यवसाई लोगों की मुसीबतें कम करने के लिए एक उत्पादकता का चक्कर चलाता है तब अर्थव्यवस्था में वृद्धि होती है और उत्पादक को भी उसका लाभ मिलता है। हम में से ज्यादातर लोग व्यवसाय के नाम पर अपने लिए एक दूसरी नौकरी ढूंढ लेते हैं; जिसमें हम मार्केटिंग, फाइनेंस और इंजीनियर भी खुद होते हैं। जबकि कोई एक इंसान यह सारे काम अगर ख़ुद करें तो उसकी विफलता को रोकना बहुत मुश्किल है। ऊपर बताया गया गाड़ी धोने का काम कितना सरल है जबकि बहुत सारे लोग इसको दूसरों से करवाने के बारे में सोचते नहीं है तथा खुद ही कठोर मेहनत करके थोड़े से लाभ से संतुष्ट रहते हैं। इसलिए हमें मिलने वाले इन छोटे बड़े मौकों का लाभ उठाकर इनको अपने लिए एक लाभदायक व्यवसाय के रूप में खड़ा करना चाहिए।

पैसे से पैसा बनाना Making Money With Money

मुकेश अंबानी ने 2019 में हर दिन लगभग 4.2 करोड़ रुपये कमाए हैं। क्या यह उनके प्रति घंटे के वेतन में वृद्धि से था? नहीं, जैसा कि आप जानते हैं, यह इक्विटी द्वारा किया गया था। नॉकरी करने वाले फ़क़ीर हैं। इतना पैसा नॉकरी करने वाला; हर रोज़ कम से कम 8 घंटे काम करके 60 साल की उम्र में भी नही कमा सकता। आंकड़ो के अनुसार अगर आप 58 साल की उम्र में रिटायर होते हो तब आप पूरी ज़िंदगी 390 रुपये प्रति घन्टा कमाते हो। सबसे जरूरी फैसला अपने पैसे को काम पर लगाने का होता है ताकि वो आपके लिए हर वक़्त काम करता रहे। आप एक रेस्टोरेंट में खाना खा रहे हो और आपका बिल आपका कमाया हुआ पैसा भर रहा हो।

और यह मेरे पिताजी के लिए कैसे निकला?

पिताजी अब 94 से और आराम जिंदगी बिता रहे हैं। वह जीवन में थोडे अमीर हुए। उन्होंने रियल एस्टेट का खेल खेला और 1960 के दशक की शुरुआत में एक बहुत बड़ा मौका देखा। जब लेखक 12 वर्ष का था तब वो छोटे से शहर में रहने लगे, और वह शहर के गरीब हिस्से में लेकिन दो मुख्य सड़कों के चौराहे के पास एक छोटा सा प्लाट खरीदा।

जो भूमि वह मात्र 3500 रुपए में खरीदी थी वो 20 लाख रुपये की हो गयी थी। हालांकि इस wait ने उनको एक बहुत कड़वे स्वभाव वाले आदमी में बदल दिया।

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