21वीं शताब्दी में सफल होने की 5 सीख

इंसानों की शुरुआत को लेकर इतिहासकारों की अलग अलग राय उपलब्ध हैं। लेकिन जैसा कि हम जानते हैं, इस दुनिया में लगभग 4 मुख्य धर्म ईसाई, मुसलमान, हिन्दू और बौद्ध सब अपनी अलग अलग कहानियों को ही सच मानते हैं। वास्तविकता की बात करें तो दुनिया में कानून और जीवन यापन के तौर तरीके सरकारों द्वारा वैज्ञानिक तौर पे किये गए शोधों के आधार पर ही बनते हैं, नाकि किसी की सोच और धार्मिक कहानियों के आधार पर।

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इसलिए वैज्ञानिक और सामाजिक सच्चाई को स्वीकार करते हुए दुनिया में सफल होने के लिये 21वीं शताब्दी में आपको और आपकी आने वाली पीढ़ियों को कैसे तैयार करना है। ऐसी कौनसी ताकते या योग्यताएं हैं जो आपको आने वाले समय मे विजेता होने में मदद करेंगी।

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1. अच्छा जीवन जीने के लिये पैसा बहुत जरूरी है

पैसों को लेकर दुनिया के काफी बड़े हिस्से में आज भी एक बेईमानी की सोच रखी जाती है। खासकर बड़े व्यवसायियों को लालची औऱ बुरे इंसानों के रूप में देखा जाता है। लेकिन अब समय आ गया है कि हम उनको ईमानदारी से स्वीकार करना शुरू कर दें और उनके व्यवसाय का विरोध करने की बजाए साथ जुड़कर फायदा उठाएं। आने वाले समय मे सरकार से ज्यादा ताकतवर बड़ी बड़ी कंपनियां होने वाली हैं। हो सकता है कि ये कुछ गलत काम भी करती होंगी लेकिन सरकारें भी कौनसे सारे काम सही करती हैं?

विश्व बैंक प्रति व्यक्ति आय को दुनिया मे खुशहाली मापने का एक पैमाना मानता है। और जिस देश की प्रति व्यक्ति आय अधिक है, वे देश खुशहाली में सबसे ऊपर के देशों में आते हैं। व्यक्तिगत तौर पर भी अच्छी कमाई करने वाला व्यक्ति समाज में खुशहाली औऱ हर प्रकार की प्रतिष्ठा हासिल कर सकता है। हालांकि पैसों के अलावा खुशहाली के और भी कारक होते हैं।

2. इंसानियत, आज़ादी और सवेंदनशीलता खत्म होने की कगार पर है

यह थोड़ा डरावना हो सकता है, लेकिन अगर हम वर्तमान के हालाँतो को देखें तो तो वह समय दूर नहीं जब सिर्फ काम की ही इज्जत होगी और काम के लायक नहीं है उसको दुनिया से अलग थलग कर दिया जाएगा। चाहे वह आपका भाई, बहन या मां बाप कोई भी हो। इसलिए जरूरी है कि अपने आप को काम के लायक बनाएं और भगवान के भरोसे रहे बिना अपनी मेहनत पर ध्यान केंद्रित करें।

यह बदलाव हम दुनिया के हर बड़े देश मे देख सकते हैं। जैसे भारत, जब कश्मीर से धारा 370 हटाने पर लगभग 1 साल से ज्यादा समय तक 4G इंटरनेट सेवाएं बाधित रहीं, किसान आंदोलन के 6 महीने पूरे होने के बाद भी कोई हल नहीं निकल सका। इन सब बातों का एक ही मतलब है आपको सरकारों और ताकतवर लोगों की हर बार स्वीकार करते हुए अनुपालना करनी है। नहीं तो आपको रास्ते से हटा दिया जाएगा। चाहे तरीके कोई भी हों।

3. भगवान और धर्म की परिभाषा बदल जाएगी

जैसे जैसे लोगों की समस्याओं में परिवर्तन हो रहा है, वैसे ही लोगों के विश्वास और जरूरतों में भी परिवर्तन हो रहा है। उदाहरण सऊदी अरब द्वारा बुरका बैन, महिलाओं को ज्यादा अधिकार और भी बहुत सारे धार्मिक परिवर्तन शामिल हैं। क्योंकि मैंने जैसे पहले बताया है, खाली इंसान की जरूरत इस दुनिया को नहीं है। इसी कड़ी में सऊदी अरब की सरकार ने देश की प्रगति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऐसे परिवर्तन किए हैं जो शायद धार्मिक आधार पर गलत हो सकते हैं, किंतु नीतियां जरूरतों के आधार पर बनती हैं। हो सकता है आगे जाकर गूगल औऱ फेसबुक नए धर्म बन जाएं या कंप्यूटर नया भगवान बन जाये। जैसे अतीत में जरूरत के हिसाब से नदियां, समुद्र औऱ पहाड़ों को भगवान बनाया गया था।

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4. वर्तमान शिक्षा की कीमत खत्म हो जाएगी

भविष्य में आपकी डिग्री से ज्यादा आपके व्यवहारिक ज्ञान को तवज्जो मिलेगी। क्योंकि वर्तमान में जनसंख्या और शिक्षा का प्रसार बढ़ने से हर क्षेत्र के कुशल कारीगर मिल रहे हैं। चारों तरफ की जानकारी से ज्यादा जरूरी आपकी किसी एक क्षेत्र में कुशलता महत्वपूर्ण होगी। अपने टैलेंट को पहचाने औऱ उसको निखारते रहें। हो सकता है डिग्री से आपको कोई नोकरी मिल जाये परन्तु उसमें आगे बढ़ना आपके टैलेंट पर निर्भर करता है नाकि आपकी डिग्री और कॉलेज पर। आने वाले समय में अनपढ़ बिना डिग्री वाले नहीं बल्कि डिग्री होते हुए भी बिना ज्ञान वाले लोग होंगे।

हालिया उदाहरणों में हमने देखा है जब एलोन मस्क औऱ बिल गेट्स जैसे बड़े लोगों ने डिग्री को बेकार बताया है और व्यक्तिगत अनुभव और दक्षता को तवज्जों देने की बात कही है। अतः यह बहुत जरूरी है कि सिर्फ स्कूल और कॉलेज के भरोसे न रहकर कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग, सोशल मीडिया, विडीयो बनाना आदि पर कुशलता हासिल कर लेना बहुत जरूरी है।

5. शारीरिक ताक़त से ज्यादा महत्व मानसिक ताकत का होगा

ज्यादा भारी भरकम काम करने वाले इंसानों के स्थान पर मशीनों को लगा दिया जाता है जो बेहतर तरीके से काम करती हैं। इसलिए शारिरीक रूप से ताकतवर इंसानों की कीमत बहुत कम हो गयी है। इसलिए मानसिक ताकत बढ़ाने पर जोर देना चाहिए। बेहतर मानसिक स्वास्थ्य वाला व्यक्ति खुश रहकर ज्यादा बेहतर तरीके से काम कर सकता है। भावनाओं पर नियंत्रण, प्रेशर में काम करना, इंसानों के प्रति सहानुभूति, लोगों को प्रोत्साहित करना ये कुछ ऐसी दक्षताएँ हैं जिनकी जरूरत 21वीं शताब्दी में बहुत ज्यादा होगी।

Comments

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