World Refugee Day विश्व प्रवासी दिवस

Important days

सन 2001 में शुरुआत से,  विश्व प्रवासी दिवस हर साल 20 जून को  मनाया जाता है। लाखों लोग पूरी दुनिया में इस दिन जबरदस्ती निकाले गए या मजबूर किए गए लोगों के साहस और  बेहतर जीवन के संघर्ष में प्रवासियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होते हैं। सालों से बहुत सारे देश, अपना खुद का प्रवासी दिवस मनाते आ रहे हैं। इनमें से सबसे मुख्य अफ्रीका प्रवासी दिवस है, जोकि बहुत सारे देशों द्वारा 20 जून को मनाया जाता है।

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संयुक्त राष्ट्र की साधारण सभा में 4 दिसंबर 2000 को OAU (Organization of Africa Unity)  के साथ मिलकर अफ्रीका प्रवासी दिवस को ही विश्व प्रवासी दिवस के रूप में मान्यता दी थी।  यह दिन 1951 की उस संधि के 50 वर्ष पूरे होने का  एक महत्वपूर्ण दिन है, जिसमें प्रवासियों को को पहली बार मान्यता दी गई थी। तब से हर वर्ष 20 जून को विश्व प्रवासी दिवस मनाया जाता रहा है। World Refugee Day Theme और World Refugee Day Posters की मुख्य जिम्मेदारी संयुक्त राष्ट्र संघ की संस्था UNHRC (United Nations Human Rights Council)की है। यह संस्था न सिर्फ 20 जून को अपितु 15 मार्च 2006 में स्थापना से लेकर अब तक विश्व में प्रताड़ित तथा विस्थापित प्रवासियों के सामाजिक तथा आर्थिक उत्थान के कार्य मे सलंगन है।

विश्व प्रवासी दिवस के आंकड़े

UNHRC  के आंकड़ों के अनुसार 2018 में हर रोज़ लगभग 37000 लोग प्रवासी हो रहे थे। और कुल प्रवासियों की संख्या 2018 ख़त्म होते होते 7.88 करोड़ पहुंच चुकी थी।

सोर्स : UNHRC रिपोर्ट 2018

यह आंकडे हमारे उस डर पर मोहर लगाते हैं, जिसमें हमने अनुमान लगाया था की युद्ध और झगड़ों से सुरक्षा चाहने वाले लोगों का आंकड़ा लंबे समय तक बढ़ता रहेगा।

Fillipo Grandi – UN High Commissioner

इन प्रवासियों की कुल जनसंख्या का 67 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ 5 देशों के कारण था। ये देश सीरिया, अफगानिस्तान, दक्षिणी सूडान, म्यानमार और सोमालिया हैं। UNHRC की पूरी रिपोर्ट को डाउनलोड करने के लिए यहां क्लिक करें।

सोर्स : UNHRC रिपोर्ट 2018

प्रवासियों के अधिकार

सयुंक्त राष्ट्र संघ की 1951 की संधि के अनुसार प्रवासियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। जैसे:

  • देश में रहने का अधिकार, सिर्फ अपराध साबित होने पर ही देश से बाहर निकाला जा सकता है।
  • काम करने का और घर देने का अधिकार
  • शिक्षा का अधिकार
  • असवैधानिक प्रवेश के लिए दंड नहीं दिया जा सकता
  • धार्मिक आजादी का अधिकार
  • सामाजिक  तथा कानूनी सेवाएं लेने का अधिकार
  • देश में दूसरी जगह घूमने तथा पहचान पत्र पाने का अधिकार

यह ऊपर लिखे कुछ अधिकार हैं जो संयुक्त राष्ट्र की संधि के अनुसार हर देश  पर लागू होते हैं। इसके अलावा भी बहुत सारे देशों ने अपने यहां आने वाले प्रवासियों के लिए स्पेशल कानून बनाए हैं, जिससे कि उनके जीवन स्तर को बेहतर बनाया जा सके और इस प्रवासी की समस्या को जड़ से खत्म किया जा सके।

विश्व प्रवासी दिवस के Images

हम क्या कर सकते हैं

जैसा कि संयुक्त राष्ट्र संघ ने बताया है पर वासियों की समस्या जल्दी से हल होने वाली नहीं है, क्योंकि इसको पैदा करने वाले कारण किसी एक इंसान के हाथ में नहीं होते।  फिर भी जिस देश में भी प्रवासियों की समस्या उत्पन्न हुई है, वहां पर सबसे मुख्य कारण सरकार की अस्थिरता है और सरकार आम जनता द्वारा ही चुनी जाती है। इसलिए आम इंसान होते हुए हमारा यह सबसे बड़ा कर्तव्य है कि हम अपने संप्रदाय जाति और धर्म से ऊपर उठकर इंसानियत के बारे में ही चुनाव करें।  आज हम दूसरों के प्रवासी होने पर खुश हो सकते हैं लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह दुर्घटना कल हमारे साथ होगी तो दूसरे लोग भी हमारी तरह ही खुश होंगे।  इसलिए यह बहुत जरूरी है कि जब भी कुछ गलत हमारे सामने हो तो उस पर खुश होने की वजह हमें उसका विरोध करना चाहिए चाहे वह विरोध एक वोट के रूप में ही क्यों ना हो ताकि आने वाले प्रवासी जैसे खतरे को टाला जा सके।

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