मैंने 6 महीने में खुद को कैसे बदला

अपनी bad habits को बदलने का तरीका

मैंने 6 महीने में खुद को कैसे बदला

आदतें चक्रवर्धि ब्याज की तरह काम करती हैं। अच्छी आदतें आपको समय के अनुसार अच्छे परिणाम देंगी जबकि बुरी आदतें बुरे परिणाम। किसी भी व्यवहार को अपने जीवन मे ढलने में लगभग 66 दिनों का समय लगता है। इसलिए आज से छोटी शुरुआत करके आप 180 दिनों बाद बेहतर परिणाम ले सकते हैं। सबसे पहले अपनी हर आदत को एक पेपर पर लिखें और उसको एक नम्बर दें। अगर आदत अच्छी है तो +1 नम्बर दें और बुरी है तो -1 नम्बर दें। अंत मे यदि आपका कुल स्कोर एक नकारात्मक नम्बर है तो आपको जल्दी से जल्दी अपनी नकारात्मक आदतों को बदलने की जरूरत है। यदि आपका स्कोर सकारात्मक भी है फिर भी आपको अपने कुल पॉजिटिव स्कोर को और बेहतर बनाना है। अब आपको अपनी नकारात्मक आदतों पर काम करना है। शुरुआत में ज्यादा भारी भरकम परिवर्तन की जरूरत नहीं है, क्योंकि ज्यादा बदलाव एक दम करने से हमें बदले हुए रुटीन से सन्तुष्टि नहीं मिलती और वापिस हम पुरानी आदत को ही अपना लेते हैं।

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मैंने खुद की बुरी आदतों को बेहतर आदतों से कैसे बदला, उसके उदाहरण नीचे दिए गए हैं

1. सुबह देर से उठने की आदत को कैसे छोड़ा

मुझे ऑफिस के लिए 7:10 पर निकलना होता था लेकिन रात को देर से नींद आने के कारण सुबह 6:30 तक मैं बहुत मुश्किल से उठ पाता था। यह परेशानी लगभग 3 साल से लगातार चली आ रही थी और कई अवसरों पर तो मुझे ऑफिस की कैब को छोड़कर खुद के व्हीकल से ऑफिस जाना पड़ता था। इस आदत को सुधारने के लिए मैंने शुरू में रात को 5 मिनट जल्दी सोने की और सुबह 5 मिनट जल्दी उठना शुरू किया। फिर धीरे धीरे मैंने 5 को 10 और 10 को लगभग 2 महीने बाद 15 मिनट तक ले आया। आज पूरे 4 महीने बाद मैं रात को 10:30 बजे तक सो जाता हूँ जो मार्च 2020 में 12:00 बजे था और सुबह 5:45 पर उठ जाता हूँ।

2. चाय पीने की आदत की आदत को कैसे छोड़ा

मैं लगभग 16 साल की उम्र से दिन में कम से कम 3 बार चाय पिता रहा हूँ। उस समय उम्र ज्यादा न होने के कारण इसकी वजह से कोई खास परेशानी नहीं हुई। हालांकि जैसे जैसे उम्र बढ़ती रही और शारिरिक क्षमता कम होने लगी तो चाय के नुकसान नज़र आने लगे। अनिंद्रा से लेकर एसिडिटी तक सब चाय के नुकसान हैं। मार्च 2020 तक मैं कुल मिलाकर दिन में 5 बार चाय पीने लगा था। इस आदत को छोड़ने के लिए मैंने सुबह की चाय को बंद करने का फ़ैसला किया। इसके लिये मैंने सुबह उठते ही गर्म पानी में शहद डालकर पीना शुरू किया। इसकी वजह यह नहीं थी कि शहद और गर्म पानी पीने से चाय छोड़ी जा सकती है। परंतु सुबह चाय; मैं कुछ मीठा खाने या पीने के लिए पिता था। अपने मीठे की भूख को मैंने शहद के साथ शांत करना शुरू किया। परिणामस्वरूप सिर्फ सात दिनों में ही मेरी सुबह चाय पीने की इच्छा समाप्त हो गयी। उसके बाद मैंने सुबह ऑफिस की चाय के समय से ठीक पहले 2 गिलास पानी पीने का रूटीन बनाया जिसके कारण आज मुझे आफिस में चाय पिये पूरे 3 महीने बीत चुके हैं। तीसरा शाम को ऑफिस से घर आने के बाद मैंने चाय की जगह एक कप गर्म दूध पीना शुरू किया और पिछले तीन महीने से मैंने आफिस से आने के बाद चाय नही पी है। इसी प्रकार रात को सोने से पहले भी मैं कभी शहद, कभी गुड़ और कभी कोई मिठाई खा लेता हूँ, जिसकी वजह से मुझे चाय पीने की इच्छा नही होती है। 

जो आदत मार्च 2020 में एक दिन में 5 बार और एक महीने में लगभग 130 से 150 बार चाय पीने की थी, वह जुलाई 2020 में 4 से 5 बार प्रति महीने पर आ गयी है।

3. सोशल मीडिया की आदत

मार्च 2020 में मेरे इंटरनेट प्रयोग करने का विश्लेषण इस प्रकार था :

कुल मिलाकर लगभग 44GB डेटा मैं मार्च 2020 तक प्रयोग कर रहा था। इसको भारत में इंटरनेट स्पीड के हिसाब से यदि समय में देखा जाए तो यह लगभग 7.3 = 7 दिनों के बराबर होता है। 

मैंने सोशल मीडिया की लत को कैसे छोड़ा

मार्च 2020 से तुलना की जाए तो जुलाई 2020 में मैंने कुल मिलाकर 8.86GB डेटा का प्रयोग अपने लिए किया जोकि लगभग 80% कम है। इसकी वजह से मैंने अपने मूल्यवान 5.6 दिन हर महीने बचाये, जो मेरी पूरी जिंदगी में लगभग 7 सालों के बराबर होंगे। (मेरी उम्र इस समय 28 साल है, ओर 67 साल का अपना जीवनकाल लिया है)। अब अगर अंदाजा लगाया जाए तो 7 साल को सही ढंग से उपयोग करके आदमी क्या क्या कर सकता है।

4. Unhealthy खाने की आदत को कैसे छोड़ा

मार्च 2020 में मेरा वजन 78.5 किलोग्राम था, और मेरी ऊँचाई 170 सेंटीमीटर है। BMI के हिसाब से मेरा वजन लगभग 66 किलोग्राम होना चाहिये। इसके लिए भी मैंने छोटे छोटे परिवर्तनों से शुरुआत की। यहां एक बात जो ध्यान देने योग्य है वह है कि आपको अपने लक्ष्य की बजाए उसके process पर ध्यान देना है। जैसे मैंने वजन कम करने की सोचने की बजाए अपनी उस हर आदत को टारगेट किया जो गलत थी। जैसे:

  • खाने में आधी रोटी की कमी करना। ऐसा करने से मैं दिन में लगभग 1 रोटी कम खाने लगा, और मेरे शरीर में 100 कैलोरी कम जाने लगी।
  • खाने में परिवर्तन करके। परांठे की जगह रोटी खाना जिससे लगभग 150 कैलोरी की कमी आई (परांठा = 250 कैलोरी)।
  • इसी प्रकार हर तली हुई वस्तु को मैंने उसी की कम कैलोरी वाली चीज से बदल दिया। जैसे फ्राइड मैग्गी की जगह सिंपल मैग्गी, फ्राइड चावल की जगह सिंपल चावल, नॉन की जगह रोटी, फ्राइड सब्जी की जगह उबली हुई सब्जी, फ्राइड बर्गर की जगह घर बनाया हुआ बर्गर। 

5. व्यायाम और योगासन की आदत कैसे शुरु की

  • खाना खाते ही लेटने की आदत। इसको बदलने के लिए मैंने रात का खाना खाते ही घूमने का फैसला किया। शुरुआत में सिर्फ 100 कदम और फिर धीरे धीरे यह 31 जुलाई 2020 को यह 5000 कदम तक पहुंच चुकी है, जोकि लगभग 4 किलोमीटर के बराबर है।
  • सुबह उठते ही 5 मिनट के लिए योग की शुरुआत। सुबह पेट साफ करने के बाद मैंने शुरुआत में 5 मिनट के लिए योगासन का अभ्यास करने से शुरुआत की। जो अब 2 महीने बाद ही 25 से 30 मिनट तक पहुंच चुकी है।
  • इन सब छोटे छोटे परिवर्तनों की बदौलत जुलाई 2020 में मेरा वजन 73.2 किलोग्राम है। यह सब मैंने बिना किसी Gym में जाये और बिना किसी कोच की मदद के किया है।
  • अब मैं ऑफिस में भी ज्यादा तरो ताजा महसूस करता हूं और मेरी काम करने की क्षमता में भी वृद्धि हुई है।
  • अच्छे खानपान की वजह से मेरे स्वास्थ्य में भी सुधार आया है, जैसे एसिडिटी की समस्या लगभग खत्म हो गयी है। गैस की समस्या से छुटकारा मिला है। थकावट से छुटकारा और अच्छी नींद आना आदि।

इस कड़ी में और भी आदतों को जोड़ा जा सकता है। जैसे धूम्रपान छोड़ने के लिए सबसे पहले आपको 1 सिगरेट कम पीनी शुरू करनी होगी, उसके बाद सिगरेट पीने के समय मे कुछ और खाने या पीने की आदत डालें। फलस्वरूप आप अपनी धूम्रपान की आदत को किसी अच्छी आदत से बदल पाएंगे।

6. पैसे का कुप्रबंधन कैसे खत्म किया

मैं सन 2011 से जॉब कर रहा हूं। आज मेरी तनख्वाह लगभग 50 हज़ार रुपये प्रति महीना है। लेकिन अगर बचत की बात करूं तो मेरे पास कुछ खास नहीं था। इसका मुख्य कारण था, मेरे कमाए हुए पैसे का कुप्रबंधन। खर्चे का कोई हिसाब किताब नहीं था। बचत का कोई fix प्लान नहीं था। इसको सुधारने के लिए मैंने नीचे लिखे हुए कुछ कदम उठाए:

  • हर महीने अपनी सैलरी से मैंने 20 हज़ार रुपये एक दूसरे बैंक खाते में डालना शुरू किया। चाहे कुछ भी एमरजेंसी हो, यह पैसा मैं सैलरी मिलते ही transfer कर देता था। परिणामस्वरूप आज मेरे पास 120000 रुपये की बचत है।
  • अगस्त 2019 में मैंने एक बचत स्किम जो कि एक बीमा भी है, उसमे 5000 प्रति महीना जमा करने शुरू किए। आज मेरे पास उस खाते में कुल मिलाकर 123,368 रुपये हैं। 
इस योजना से मेरा वार्षिक रिटर्न लगभग 31% है।
  • इसके अलावा मैंने 20 हज़ार रुपये के Vodafone Idea के शेयर खरीदे जो मार्च 2020 में 3.45 तक पहुंच गए थे। और आज उनकी कुल कीमत 65 हज़ार रुपये के आस पास है। (शेयर में पैसा लगाने से पहले आपको उसके बारे में जानकारी हासिल कर लेनी चाहिए, अन्यथा आपका पैसा डूब भी सकता है)
  • इन छोटी छोटी आदतों की वजह से आज मेरे पास लगभग 2 लाख रुपये की सेविंग है और धीरे धीरे बढ़ती जा रही है।

आपको बस अपनी बुरी आदतों की एक लिस्ट बनानी है, उसके बाद उनको अच्छी आदतों से बदलने की कोशिश करनी है। शुरुआत एक छोटे से कदम के साथ करें। चाहे वो 10 कदम पैदल चलने जैसा ही क्यों ना हो। लेकिन उसको धीरे धीरे बढ़ाते रहें।

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7. अच्छी आदतें कैसे शुरू की

जो समय मैंने इंटरनेट का प्रयोग कम करके बचाया था, अब समय उसको सकारात्मक तरीके से प्रयोग करने का ताकि वही पुरानी आदतें दोबारा ना लौट आएं। इसके लिए मैंने पढाई की आदत डाली। मुझे इंसान के व्यवहार, आदत, प्रतिक्रियाएं, आध्यत्म, ओर इतिहास के बारे में पढ़ना अच्छा लगता है, इसलिए मैंने उस विषय से सम्बंधित किताबें और लेख पढ़ने का निर्णय लिया। और कुछ सकारात्मक आदतें जो मैंने पिछले 6 महीने में शुरू की हैं:

  • किताबें पढ़ने की आदत। जो समय मैंने सोशल मीडिया के कम इस्तेमाल से बचाया था, वो समय मैंने किताबें पढ़ने में लगाया। शुरुआत मैंने उन विषयों से की जो मुझे सबसे ज्यादा पसंद थे, जैसे इंसान की भावनाएं क्या होती हैं। उसके बाद पढ़ने की आदत पड़ने के बाद मैंने कम पसंद आने वाले विषय पढ़ने शुरू किए जैसे Statistics, फाइनांस आदि। इसकी वजह से मेरे समय का सदुपयोग तो हुआ ही साथ ही मुझे इन विषयों में आधारभूत जानकारी हो गयी।
  • लिखने की आदत। जो समय मैं facebook या इंस्टाग्राम पर दूसरों की फोटो देखने मे लगाता था, उस के स्थान पर मैंने मेरा दूसरा पसन्दीदा काम करना शुरू किया – लिखने का। शुरुआत में WordPress पर Free-Reads के नाम से ब्लॉग शुरू किया। उसके बाद 4 जून 2020 को मैंने hindireading.com के नाम से मैंने अपना खुद का हिंदी में ब्लॉग शुरू किया। इसमें मैं सामाजिक बुद्धिमत्ता और सामान्य ज्ञान से सम्बंधित लेख लिखता हूँ। आज तक इसमें कुल मिलाकर 37 पोस्ट लिखी जा चुकी हैं, जो शुद्ध हिंदी में हैं।
  • इसके अलावा यूट्यूब पर अपने ब्लॉग से सम्बंधित जानकारी लेता हूं उसके बाद उसमें सुधार करता हूँ। जिसकी वजह से मेरा इंटरनेट का प्रयोग एक सकारात्मक रस्ते में जाता हुआ नजर आता है।

मार्च 2020 से शुरूआत करके मैं अपनी आदतों का कुल स्कोर सकारात्मक ले आया हूं। लेकिन यह सफर लगातार जारी रहेगा और अपनी हर बुरी आदत को एक अच्छी आदत से बदलना चाहूँगा। यह धारणा गलत है कि बुरी आदतें जरूरी होती हैं। अगर कोई आदत आपको बुरी लग रही है, तो वह वास्तव में बुरी है और उसको बदलना ही बेहतर है। आप क्या चाहेंगे जब आप 60 साल के होंगें। यह कि मैंने जिंदगी के लगभग 7 साल इंटरनेट पर एंटरटेनमेंट करने में बिता दिए या यह कि मैंने 7 साल में 10 अतिरिक्त योग्यताएं हासिल की जो मेरे अब सबसे ज्यादा काम आ रहीं हैं। छोटे बदलाव ही लम्बे समय बाद बड़े सुधार कर सकते हैं। इसलिए अपनी आदतों को अभी से बदलने की शुरुआत करें।

निष्कर्ष

इंसान रोजमर्रा की जिंदगी में अपनी आदतों के गुलाम होते हैं। अगर बहुत ज्यादा परिवर्तन एक साथ किया जाएगा, तो वह आदत नही बन पाएगा। इसके विपरीत छोटे छोटे परिवर्तन मिलकर एक बड़ी आदत बना सकते हैं। इसलिए शुरुआत एक छोटे से कदम के साथ करें और समय के साथ साथ उसको बढ़ाते रहें। बढाने की गति इंसान और परिस्थितियों के हिसाब से बदलती रहती है। बदले हुए काम को हर हाल में करने की कोशिश करें। अगर आपको ज्यादा मेहनत करनी पड़ रही है, इसका मतलब है आप ज्यादा परिवर्तन कर रहे हैं और एक कदम पीछे खींचने की जरूरत है। अपनी बुरी आदतों की उसी के समान अच्छी आदतों से बदलने की कोशिश करें। अगर अच्छी आदत समझ नहीं आ रह है, तो लोगों से या इंटरनेट से जानकारी हासिल करें और उनके अनुसार परिवर्तन की कोशिश करें। 

सवाल जवाब

मैं खुद को 3 महीने के अंदर कैसे बेहतर बना सकता हूँ?

सबसे पहले अपनी आदतों की एक शीट बनाये। हर बुरी आदत को -1 नंबर और अच्छी आदत को +1 नम्बर दें। यह काम पूरी ईमानदारी से करना है। उसके बाद अपनी बुरी आदतों में सुधार के लिए काम शुरू करें। अपने स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली बुरी आदतों को सबसे पहले सुधारने के लिए काम करें। उसके बाद अपने परिवार, फिर अपने व्यापारिक जीवन और आख़िर में अपने सामाजिक जीवन को सुधारने की कोशिश शुरू करें। आदतों को सुधारने में पहले धीरे धीरे शुरुआत करें और समय गुजरने के साथ अपने लक्ष्य को बढ़ाते रहें।


कैसे अपने जीवन को पूरी तरह बदलें ?

हमारा जीवन हमारी आदतों की देन होता है। आदतें वो काम हैं जो हम बिना कुछ ज्यादा दिमाग लगाए करते हैं। आदतों के स्वचालित होने के कारण हमें उनके प्रभाव का अंदाजा नही होता है। जबकि बुरी आदतें हर रोज़ हमारे ऊपर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं और अच्छी आदतें सकारात्मक प्रभाव। एक अंदाजे के मुताबिक भारत में लोग एक दिन औसतन 2.4 घण्टे सोशल मीडिया का प्रयोग करते हैं। यह समय हमारे पूरे जीवनकाल (भारत की जीवन प्रकाष्ठा 67 साल है) में लगभग 4 साल के बराबर होता है। प्रकार अगर 20 साल की उम्र से आप हर महीने 500 रुपए बचाएं, तो 67 साल की उम्र में आपके पास 8% की दर से ₹28,00,000 हो जाएंगे।

आदतें चक्रवर्धि ब्याज की तरह होती हैं। जो लंबे समय बाद बहुत ज्यादा बदलाव लाती हैं। एक दिन की एक्सरसाइज से कुछ फर्क नही पड़ता लेकिन 6 महीने आपके स्वास्थ्य को बहुत अच्छा बना सकते हैं। एक दिन तला हुआ खाने से कुछ नहीं होता लेकिन लम्वे समय तक यह खाना आपके हृदय को बीमार कर देगा। हर बुरी आदत आपके लिए बेहतर परिणाम देंगी ओर बुरी आदतें बुरे परिणाम।

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