Emotional Intelligence Importance

Emotional intelligence क्यों जरूरी है

भावनात्मक बुद्धि आपको जीवन के लगभग हर पहलू में सफलता के लिए जरूरी है। अपनी बौद्धिक क्षमता से हम तैयारी तो बहुत कर लेते हैं, पर Emotions पर control किये बिना उतना बेहतर परिणाम नही प्राप्त कर सकते।

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अगर अपको मेहनत करने के बाद भी मिलती है सिर्फ निराशा, तो हो जाएं सावधान। भावनात्मक बुद्धिमत्ता के ये संकेत हैं बेहद खतरनाक।

भावनात्मक बुद्धिमत्ता को कैसे विकसित कर सकते हैं?

भावनात्मक ख़ुफ़िया के हमारे जीवन में क्या महत्व हैं?

आइये जीवन के अलग अलग हिस्सों में भावनात्मक बुद्धिमत्ता की जरूरत को समझते हैं। और इसके कुप्रबन्धन की वजह से होने वाले नुकसानों का विश्लेषण करते हैं।

1. व्यक्तिगत जीवन Personal Life

अगर हम अपनी भावनाओं को नियंत्रित नही कर सकते तो हमारे व्यक्तिगत जीवन में उथल-पुथल शुरू हो जाती है।

  • हम खुद को असहाय महसूस करते हैं
  • छोटी छोटी बातों पर गुस्सा करते हैं
  • आवेश में आकर गलत फैसले लेते हैं, जिसका बाद में पछतावा होता है
  • अवसाद ओर मानसिक तनाव का शिकार हो जाते हैं
  • या दूसरों को अपनी हालात के लिए दोषी करार देने लगते हैं
  • कभी कभी दूसरों के प्रति द्वेष हिंसा का भी रूप ले लेता है
  • या किसी गलती की सज़ा खुद को देने की सोच लेते हैं, जिसकी वजह से बहुत सारे लोग अपनी जिंदगी भी खत्म कर लेते हैं

2. सामाजिक जीवन Social Life

इंसान एक सामाजिक प्राणी है। अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों को निभाए बिना हम जीवन मे सफल नही हो सकते। हम हर छोटी से लेकर बड़ी जरूरतों तक के लिए समाज पर निर्भर रहते हैं। भावनाओं के कुप्रबन्धन से होने वाली समस्याएं निम्नलिखित हैं:

  • आवेश में आने से हमारे सामाजिक रिश्तों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है
  • हमारे दोस्त, रिश्तेदारों के साथ हमारे रिश्तों में कड़वाहट आने लगती है
  • हम अपनी गलतियों के लिए फिर से दूसरे लोगों को जिम्मेदार मानने लग जाते हैं और फिर से वही नकारात्मक दौर शुरू हो जाता है
  • आखिरी बार कब हम अपनी व्यक्तिगत समस्या की वजह से समाज मे किसी साथ झगड़ने लगे थे, ये सब भावनाओं के अनियंत्रित होने की वजह से होता है

3. व्यावसायिक जीवन

सबकी जिदंगी में तीसरा पहलू होता है, व्यावसायिक। यानी कि जो समय हम लोग जीवनयापन कमाने में लगाते हैं, चाहे वफ नॉकरी हो, व्यवसाय हो कोई हमारी स्पेशल योग्यता। इन सबके लिए हमे विभिन तरह के लोंगो से मिलना पड़ता है, उनके साथ बातचीत ओर व्यापार करना होता है। जीवन के इस पहलू पर भावनाओं का क्या असर पड़ता है, वो हम आगे देखने वाले हैं:

  • व्यापारिक जीवन मे लोग ज्यादा भावना व्यक्त नही करते, इसलिए बहुत जरूरी है कि हम बिना बोले ही भावनाओं को समझकर फैसले ले सकें और बात कर सकें
  • Body Language शारीरिक भाषा व्यापारिक जीवन का एक बहुत बड़ा पहलू है, और बिना खुद की भावनाओं को समझे हम दुसरे की भावनाओं को कैसे समझ पाएंगे
  • जो प्रतिक्रिया हम अपने व्यक्तिगत जीवन मे दे सकते हैं, वफ व्यापारिक जीवन मे नकारात्मक मानी जाती हैं। उदाहरण के लिए हम अपने घर मे नाराज हो सकते हैं, गुस्सा कर सकते हैं, परन्तु प्रोफेशनल जिंदगी में इन बातों का कोई महत्व नही है। अपितु इनको आपके लिए हानिकारक माना जाता है।
  • जब काम pressure की वजह से हम प्रोफेशनल जिंदगी में तनाव के शिकार होते हैं, तब हमारी भावनाओं को नियंत्रित करना और भी महत्वपूर्ण तथा मुश्किल भरा होता है।

भावनात्मक ख़ुफ़िया के अभाव में होने वाली हानियां Drawbacks of Low Emotional Intelligence

भावनाओं के कुप्रबंधन से होने वाले नुकसान लगभग हर पहलू ओर हर उम्र में होते हैं। ये आपके रिश्तों से लेकर स्वास्थ्य तक को प्रभावित करता है। ऐसे ही कुछ आँकड़े नीचे दिखाए गए हैं:

  • विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया मे हर साल लगभग 8 लाख लोग आत्महत्या करते हैं, जो हर 40 सेकंड में 1 आत्महत्या के बराबर है।
  • भारत मे स्तिथि पूरे दक्षिणी एशिया में सबसे खराब है। भारत मे आत्महत्या की दर 16.5% है।
  • भावनाओं के सही प्रबंधन के अभाव से शरीर पर बुरे प्रभाव पड़ते हैं, जैसे उच्च रक्तचाप, हृदयाघात, पाचनतंत्र में गड़बड़ी, कम ऊर्जा ओर शुगर जैसी बीमारियां, भावनाओं और आवेश के कारण होती हैं।

मानसिक अवसाद या depression के कुप्रभाव

  • भावनात्मक बुद्धिमत्ता EQ सीधे आपकी सफलता से जुड़ी हुई है। जितनी ज्यादा आपकी EQ होती है, उतने ही आप सफल होते हो
  • अमेरिका में हुए एक शोध में साबित हो चुका है कि आपकी सफलता में 58% योगदान EQ का होता है
  • 90% लोग जो सबसे सफल हैं, उनका EQ बहुत ऊपर होता है।
  • ऊंचे EQ वाले लोग हर साल लगभग 20 लाख रूपये ज्यादा कमाते है, अगर उनकी तुलना उनके कम EQ वाले लोगों से की जाए तो
  • 200 से अधिक कंपनियों में योग्यता अनुसंधान से डेनियल गोलमैन (भावनात्मक बुद्धि के वैज्ञानिक) ने पाया कि तकनीकी कौशल और बौद्धिक क्षमता के कारण सफलता में लगभग एक तिहाई अंतर आता है
  • जबकि दो तिहाई अंतर भावनात्मक क्षमता के कारण है।
  • शीर्ष नेतृत्व की स्थिति में, चार-पाँचवें स्थान परअंतर भावनात्मक क्षमता के कारण है

सम्पूर्ण अनुसंधान के आंकड़ो के लिए यहाँ क्लिक करें

निष्कर्ष

ऊपर की बातों से यह साबित हो जाता है कि भावनात्मक बुद्धिमत्ता का महत्व हमारे जीवन में हमारी बौद्धिक क्षमता से कहि ज्यादा है। हमारे रिश्तों, हमारे प्रोफेशनल करियर ओर स्वास्थ्य को ऊँचाई तक ले जाने के लिए भावनाओं का नियंत्रण बहुत आवश्यक है।

भावनात्मक बुद्धिमत्ता क्या है?

सवाल जवाब

भावनात्मक बुद्धि क्यों महत्वपूर्ण है

हमारे जीवन का हर पल किसी न किसी भावना से जुड़ा होता है। जब ये भावनाऐं हमारे नियंत्रण में न होकर, हमें नियंत्रित करती हैं, तो इसके बुरे प्रभाव हमारी नॉकरी, व्यवसाय से लेकर व्यक्तिगत जीवन पर पड़ते हैं।

भावनात्मक बुद्धि से सफलता की क्या गारंटी है

दुनिया भर में भावनात्मक बुद्धि को प्रसिद्ध करने वाले वैज्ञानिक डेनियल गोलमैन द्वारा किये गए शोध से यह साबित हो चुका है कि सफल लोगों में 90% लोग ऐसे हैं जिनकी EQ बहुत ऊंची है। आपकी नॉकरी के ग्रोथ में 58% योगदान सिर्फ भावनात्मक बुद्धि का होता है। भावनात्मक बुद्धि सीधे तौर पर आपकी सफलता से जुड़ी होती है।

Comments

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