Mutual Fund की सम्पूर्ण जानकारी

निवेश का यह तरीका आपके पैसे को एक अच्छी गति और सुरक्षित रूप से बढने का मौका देता है। मार्किट के उतार चढ़ावों आंकलन करके बड़े बड़े एक्सपर्ट लोग ही किसी म्यूचअल फंड को चलाते हैं।

Mutual Fund कैसे काम करता है

Mutual Fund भी किसी कम्पनी के Share price की तरह ही होता है। उदाहरण के लिए आपने एक ABC नाम से एक Mutual Fund रजिस्टर कराया, जिसमे आप 10 अलग अलग कम्पनियों में पैसे लगाते हैं। इसी तरह आपने कुल मिलाकर 1 लाख रुपए लगाए और इस पैसे से आपने 10 हजार यूनिट्स बेची। तो आपकी एक यूनिट की कीमत 10 रुपए होगी। इसी यूनिट की कीमत को NAV (Net Asset Value) कहा जाता है। अगर मुझे इस mutual fund में 1 हजार रुपए लगाने हैं तो 10 रुपए के हिसाब से मुझे 100 यूनिट मिल जाएंगी।

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Mutual Fund में कमाई कैसे होती है

आपके ABC म्यूच्यूअल फंड के 1 लाख रुपए की कीमत धीरे धीरे बढ़कर 2 लाख हो गयी तो NAV की कीमत भी बढ़ जाएगी जो सीधे 10 रुपये से बढ़कर 20 रुपए हो जाएगी और मेरे लगाए हुए 1 हजार की वैल्यू अब 2 हजार हो जाएगी। यहां ध्यान रखने की बात यह है कि एक म्यूच्यूअल फ़ंड की NAV की कीमत डिमांड से कंट्रोल नहीं होती, यह उस mutual fnd द्वारा लगाई गई कम्पनी के share price से लिंक होती है। उदाहरण के लिए आपने 1 लाख में से 50 हजार सिर्फ किसी कम्पनी में लगाये और बाकी 50 हजार अन्य 9 कम्पनियों में। जिस हिसाब से आपके लगाए हुए वो पैसे बढ़ेंगे या कम होंगे, वैसे ही ABC Mutual Fund की NAV बढ़ेगी या घटेगी।

म्यूच्यूअल फंड कौन चलाता है

यह किसी कम्पनी की अलग अलग ब्रांच की तरह होता है। जैसे टाटा मोटर्स एक बहुत बड़ी कम्पनी है जिसके कार, ट्रक औऱ बसें आदि उत्पाद हैं। वैसे ही TATA MUTUAL FUND COMPANY है जो अलग अलग प्रकार के 100 से ज्यादा म्यूचअल फंड चलाती है। अलग अलग फंड के लिए विशेष रूप से प्रतिभाशाली लोगों को रखा जाता है। उदाहरण के लिए टाटा का Tata Digital India Fund Direct Growth के फंड मैनेजर Shailesh Jain, Rahul Singh, Meeta Shetty और Venkat Smala हैं। इस फंड ने पिछले 3 साल में लगभग 42% वार्षिक रिटर्न दिया है।

म्यूच्यूअल फंड के कुछ तथ्य

म्यूचुअल फंड में निवेश से पहले इस में प्रयोग होने वाली कुछ बातों को जान लेना बहुत जरूरी है जैसे:

NAV (Net Asset Value)

यह एक म्यूच्यूअल फंड कि वह वैल्यू है जिस पर आपको उसमें चल फंड की यूनिट मिलती हैं उदाहरण के लिए टाटा डिजिटल इंडिया ग्रोथ फंड की NAV 3 दिसम्बर 2021 को 42.28 है। तो आपको 100 यूनिट खरीदने के लिए लगभग 4,228 रुपये खर्च करने होंगे।

Fund size

यह किसी म्यूच्यूअल फंड की टोटल वैल्यू होती है। ऊपर के उदाहरण में दिए गए म्यूचल फंड का साइज 3,842 करोड़ है, इसका मतलब इस mutual fund में फिलहाल 3,842 करोड़ रुपए निवेश किया जा चुके हैं।

Expense Ratio

यह वह कीमत होती है जो हम किसी म्यूचल फंड कंपनी को अपने पैसे को सही जगह पर निवेश करने के लिए देते हैं ऊपर के म्यूचल फंड का Expense Ratio 0.43% है। इसका मतलब आपकी 100 यूनिट्स के लिए कुल 18.18 रुपए इसके बदले में कम्पनी को देने होंगे।

Exit Load

म्यूच्यूअल फंड से पैसा निकालने पर लगने वाले खर्चे को एग्जिट लोड कहा जाता है यह हर म्यूचल फंड में अलग-अलग होता है उदाहरण के लिए टाटा डिजिटल इंडिया ग्रोथ फंड का एग्जिट लोड 0.25% है। लेकिन अगर आपने अपना पैसा एक महीने बाद निकाला है तो आपको कोई एग्जिट लोड नहीं देना होगा। यह शर्तें भी हर म्यूच्यूअल फंड के लिए अलग-अलग होती हैं इसलिए आपको निवेश से पहले इस चीज को जान लेना बहुत जरूरी है। एग्जिट लोड आपके कुल निवेश पर लगता है।

इनकम टैक्स

अगर आपको टैक्स की जानकारी नहीं है तो म्यूचुअल फंड में निवेश नहीं करना चाहिए म्यूचल फंड में दो प्रकार के टैक्स लगते हैं:

पहला है नॉर्मल टैक्स या short term capital gains tax. इस प्रकार के टैक्स में अगर आपने 1 साल से पहले किसी म्यूच्यूअल फंड से अपना पैसा निकाला है तो आप के फायदे के ऊपर 15% टैक्स लगता है। याद रखिए यह टेक्स आपके प्रॉफिट पर लगता है ना कि कुल निवेश पर।

इसी प्रकार यदि आपने अपना पैसा 1 साल के बाद निकाला है तो Long Term Capital Gain Tax लगता है। यह आपके 1 साल में 1 लाख से ज्यादा के फायदे पर 10% दर से लगता है। लेकिन अगर आप का कुल फायदा ₹100000 (1 साल में) से कम है तो कोई टैक्स नहीं लगता।

Mutual Fund कितने प्रकार के होते हैं

ऐसा कोई लिखित रूप से नहीं है फिर भी पैसे इन्वेस्ट करने के तरीके से mutual fund 3 प्रकार के होते हैं:

1. Equity mutual fund

जैसा कि नाम से ही मालूम है ये mutual fund अपना सारा पैसा share market में लगाते हैं। क्योंकि ये फ़ंड सीधे मार्किट से लिंक होते हैं इसलिए इस प्रकार के फण्ड में ग्रोथ और रिस्क दोनों ही ज्यादा होते हैं। Equity mutual fund में भी Sector wise, Opportunity wise, कम्पनी के आकार और मिक्स आदि कई प्रकार होते हैं। जैसे Tata Digital India Fund Direct Growth फण्ड में सारा पैसा सॉफ्टवेयर और IT सम्बंधित कम्पनियों में लगाया जाता है।

2. Debt और Bond Mutual Fund

ईस प्रकार के फण्ड में पैसा सरकार या बड़ी बड़ी कम्पनियों को लोन देने में या बांड खरीदने में लगाया जाता है। इस लोन या बांड पर पर एक फिक्स्ड रिटर्न मिलता है जो 5 से 7% वार्षिक तक होता है। 

3. Mixed Mutual Fund

इसमें पैसा दोनों प्रकार के mutual fund (debt और equity) में बांट दिया जाता है ताकि रिस्क ओर कम किया जा सके और ग्रोथ भी अच्छी हो।

Mutual Fund के फायदे और नुकसान 

फायदे

  1. इसमें आप एक छोटे से अमाउंट से भी बचत शुरू कर सकते हैं।
  2. रिस्क कम रहता है
  3. आपको ज्यादा जानकारी और रिसर्च करने की जरूरत नही होती
  4. अपनी जरूरत के हिसाब से समय और पैसे का निर्धारण कर सकते हैं
  5. बाकी सेविंग स्किम जैसे FD, बैंक, डाकखाना और जीवन बीमा से ज्यादा ग्रोथ होती है

नुकसान

  1. Mutual Fund बाज़ार जोखिमों के अधीन होते हैं, इसलिए कई बार आपको नुकसान भी हो सकता है।
  2. इसमें एक अच्छी बचत के लिए आपको बहुत लंबे समय तक इंतेजार करना पड़ता है, इसलिए वो लोग जिनको कम समय मे ज्यादा मुनाफा चाहिए वो mutual fund में पैसा ना लगाएं।
  3. Mutual Fund मे मिलने वाले पैसे की कोई गारंटी नहीं होती है। आपका पैसा कम भी हो सकता है।

Mutual Fund में कौनसा निवेश बेहतर है

इस स्कीम में मुख्य रूप से 3 तरीके से निवेश हो सकता है।

1. SIP (Systematic Investment Plan)

इस तरीके से आप किसी mutual fund में हर महीने/छमाही या साल के हिसाब से एक रकम निर्धारित करके निवेश कर सकते हैं। यह रकम निम्नतम 500 रुपए से लेकर कितनी भी हो सकती है। SIP का फायदा यह है कि हर बार आपकी NAV की कीमत बाजार के उतार चढावों के हिसाब से औसत होती रहती है और एक बार मे ज्यादा भोज भी नहीं पड़ता।

2. Lumpsum या एक बार मे निवेश

इस स्कीम में आप एक बार में ही सारा पैसा निवेश कर देते हैं। इसका फायदा यह है कि अगर आपने सही समय का चुनाव किया तो आपको फायदा ज्यादा हो सकता है और अगर समय गलत हुआ तो नुकसान भी ज्यादा ही होता है।

3. Mixed स्किम

आजकल के बदलते परिवेश में लगभग सारी निवेशक कम्पनियां जैसे Groww, Zerodha, Angle Broking आपको मिक्स्ड स्किम का ऑप्शन देती हैं। जिसमे आप SIP के अलावा भी अपने टाइम और क्षमता के हिसाब से lumpsum निवेश भी कर सकते हैं। यह ऐसे काम करता है, मानलीजिए आपने 2 हजार रुपए की SIP शुरू की, जो हर महीने की 27 तारीख को निवेश होती है। तो जो NAV की कीमत 27 तारीख को होगी, उसी हिसाब से आपको यूनिट्स मिलेंगी।

लेकिन अगर आपके हिसाब से 20 तारीख को मार्किट ज्यादा नीचे आ गयी और आपकी NAV की कीमत कम हो गयी तो आप एक lumpsum अमाउंट निवेश करके भी नीचे के स्तर पर निवेश कर सकते हैं।

निवेश का यह मिक्स्ड तरीका आपके लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है लेकिन इसके लिए आपको मार्किट के उतार चढ़ावों की जानकारी होनी चाहिए।

साल 2021 में सबसे अच्छे म्यूच्यूअल फ़ंड कोनसे हैं?

यहां पर रेटिंग के हिसाब से सबसे अच्छे म्यूच्यूअल फ़ंड की एक लिस्ट दी गयी है। याद रखने योग्य बात यह है कि सिर्फ भूतकालीन आंकड़ो पर भरोसा करके किसी भी फ़ंड में निवेश नहीं करना है। अपनी खुद की analysis और सही जानकारी का प्रयोग जरूर करें।

फ़ंड का नामNAV
3-Dec-21
1 साल3 साल5 साल
ICICI Prudential Technology Fund175.2984%43%35%
Quant Infrastructure Fund 21.8396%38%27%
Quant Tax Plan Fund236.0275%37%27%
PGIM India Midcap Opportunities Fund47.0069%37%24%
Axis Small Cap Fund66.9372%34%25%
Quant Active Fund432.8471%34%27%
PGIM India Flexi Cap Fund29.3951%30%24%
IIFL Equity Focused Fund32.7241%30%22%
Parag Parikh Flexi Cap Fund53.4349%30%24%
Tata Digital India Fund42.2885%42%36%
मैंने खुद Tata Digital India Fund में 2 हजार रुपये की SIP से निवेश कर रखा है। किसी भी फण्ड में निवेश करने से पहले अपने अपने माध्यम से रीसर्च करना चाहिए।

सवाल जवाब

Mutual fund मैं निवेश करने के लिए कौन सा खाता होना चाहिए

इसके लिए आपके पास डीमैट अकाउंट होना जरूरी है डिमैट अकाउंट किसी भी स्टॉक ब्रोकर जैसे, Angle Broking, Groww, ICICI Direct और HDFC जैसी कम्पनियों में ऑनलाइन खोला जा सकता है। मैं खुद म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए Groww App का इस्तेमाल करता हूं।

क्या डिमैट अकाउंट खोलने के लिए कोई फीस लगती है

जवाब है नहीं यह खाता खोलने के लिए आपको सिर्फ अपना आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक स्टेटमेंट और एक फोटो की जरूरत होती है।

क्या म्यूचुअल फंड सही है

म्यूचल फंड से पैसा कमाने के लिए आपको एक लंबे समय तक धैर्य पूर्वक निवेश करने की जरूरत होती है। क्योंकि मार्केट के उतार-चढ़ाव से आपको कभी नुकसान भी होता है। ऐसी परिस्थिति में आपको अपना पैसा निकालने की वजह फायदा उठाकर और ज्यादा पैसा लगाना चाहिए और एक लंबे समय तक इंतजार करना चाहिए।

क्या कोई भी म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकता है

जिसकी उमर 18 साल से ऊपर है वह कोई भी इंसान म्यूचुअल फंड में ₹500 से शुरुआत कर सकता है

म्यूचुअल फंड में पैसा लगाने का सही तरीका क्या है

कम उम्र से ही SIP के रूप में म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू कर देना चाहिए जिससे कि आपको लंबे समय में एक अच्छा अमाउंट मिल सके।

म्यूचुअल फंड में कितना रिटर्न मिलता है

यह सब म्यूचल फंड के प्रकार और आपके द्वारा चुने गए समय पर निर्भर करता है। सामान्य रूप से इक्विटी म्यूचुअल फंड में 12% से 50% तक का रिटर्न मिल सकता है और डेट म्यूचुअल फंड में 5% से 7% का फिक्स रिटर्न मिलता है।

Mutual Fund Return Calculator

Groww App का कैलक्यूलेटर प्रयोग करने के लिए क्लिक करें

https://groww.in/calculators/sip-calculator

म्यूचुअल फंड में पैसे की सुरक्षा कैसे होती है?

Mutual Funds SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) के अंतर्गत पंजीकृत हैं जो कि भारत में बाजार को नियंत्रित करता है। निवेशकों के पैसो को बाजार में सुरक्षित रखने का काम SEBI के द्वारा किया जाता है। SEBI द्वारा सुनिश्चित किया जाता है की कहीं कोई कंपनी लोगों के साथ धोखा तो नहीं कर रही।

निवेश के और तरीके कोनसे हैं

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