Life Insurance क्या है

Insurance या बीमा किसी कम्पनी और किसी इंसान के बीच एक कांट्रैक्ट होता है जिसमें कुछ पैसे के बदले में कम्पनी जिंदगी या शरीर के विशेष अंगों में नुकसान होने पर हमें बीमा राशि देती है।

लाइफ इंश्योरेंस का मतलब क्या है?

यह प्रकार के बीमा में कम्पनी द्वारा बीमाधारक की अप्रत्याशित मृत्यु होने पर अनुबंध के अनुसार एक निर्धारित राशि दी जाती है। इस राशि के बदले में बीमाधारक एक निर्धारित राशि बीमा प्रदाता कम्पनी को देने का वादा करता है।

जीवन बीमा पॉलिसी कितने प्रकार की होती है?

1. Term Life Insurance

इस प्रकार के बीमा में बीमाधारक की मौत होने पर पहले से निर्धारित राशि दी जाती है। राशि का निर्णय life insurance policy लेने से पहले किया जाता है और उसी के हिसाब से प्रीमियम का भी निर्धारण होता है।

यह बीमा हर व्यक्ति नहीं करवा सकता, सिर्फ वही लोग जिनके खाते में नियमित तौर पर पैसे आते हों, वही लोग यह बीमा करा सकते हैं। 

इस प्रकार के Insurance का सबसे बड़ा फायदा यह कि कम से कम कीमत में एक अच्छे अमाउंट का बीमा हो जाता है।

साधारण नियम के हिसाब से व्यक्ति की जितनी कम उम्र होती है उतने कम प्रीमियम में अच्छी राशि का बीमा हो जाता है।

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Comparison of Term Life Insurance Plans as on 19/Jun/2022:-

No.CompanyCurrent AgePolicy AgeClaim RatioPremiumBenefit
1Max Life31Y70Y99.4%1,257/month1 crore
2HDFC Life31Y70Y98.7%1,659/month1 crore
3Bharti AXA31Y70Y99.1%1,095/month1 crore
4pnb Metlife31Y70Y98.2%1,244/month1 crore
5TATA AIA31Y70Y98.0%1,563/month1 crore
6SBI Life31Y70Y94.5%1,547/month1 core
7ICICI Pru31Y70Y97.9%1,528/Month1 crore
पालिसीधारक तम्बाकू का सेवन नहीं करता और न ही कोई लम्बी बीमारी है।

२. Endowment Plans

इस प्रकार के प्लान में इन्वेस्टमेंट ओर जीवन बीमा दोनों का मिलान होता है। आपको कुछ राशि बीमा कम्पनी को देनी होती है, जिसके बदले में कम्पनी आपका पैसा बीमा के समयानुसार आपको लगभग 3-3.5% की वार्षिक वृद्धि के हिसाब से वापिस करती है।

इसमें कोई और शर्त की लागू नही होती। तथा प्रीमियम की राशि देकर कोई भी यह बीमा करा सकता है।

बीमे का यह प्लान बहुत नुकसान देने वाला होता है परन्तु जो लोग टर्म प्लान के लिए अयोग्य होते हैं वो लोग यह प्लान आसानी से ले सकते हैं।

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3. प्रीमियम वापसी के साथ टर्म इंश्योरेंस

टर्म इंश्योरेंस एक ऐसा इंश्योरेंस है जिसमें मृत्यु के समय पैसे मिलते हैं, लेकिन पॉलिसी के पूरा होने पर कुछ नहीं मिलता। यदि आप एक स्वस्थ और तनाव मुक्त जीवन जीते हैं तो पूर्ण संभावना है कि आप एक टर्म इंश्योरेंस की पूरी अवधि को पार कर लेंगे।

अतः आपको अवधि पूरी होने पर प्रीमियम में से कुछ नहीं मिलेगा। यह टर्म इंश्योरेंस उन्हीं लोगों के लिए है जो पॉलिसी अवधि पूरी होने पर अपना प्रीमियम वापस चाहते हैं। लेकिन यह बात ध्यान में रखने योग्य है कि साधारण टर्म इंश्योरेंस की बजाए इस टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम थोड़ा ज्यादा होता है।

Comparison of Term Life Insurance Plans with Premium Return as on 19/Jun/2022:-

No.CompanyCurrent agePolicy ageClaim RatioPremiumBenefit
1Max Life31Y70Y99.4%2,139/month1 crore
2HDFC Life31Y70Y98.7%3,302/month1 crore
3Bharti AXA31Y70Y99.1%1,830/month1 crore
4pnb Metlife31Y70Y98.2%2,278/month1 crore
5TATA AIA31Y70Y98.0%2,308/month1 crore
6Bajaj Allianz31Y70Y99.0%2,149/month1 crore
7ICICI Prudential31Y70Y97.9%2,782/month1 crore

4. Unit linked Insurance Plan (ULIP)

इस प्रकार के इंश्योरेंस में निवेश के साथ-साथ बीमा भी मिलता है। क्योंकि यह इंश्योरेंस शेयर मार्केट से लिंक होता है इसलिए इसकी Lock-in अवधि 5 साल होती है। यदि 5 साल से पहले आप प्रीमियम देना बंद करते हैं तो आपका पैसा इसी प्लान में रहेगा तथा 5 साल के बाद ही निकाला जा सकता है।

शेयर मार्केट क्या है?

इस प्रकार की स्कीम में आपको अपने फंड बदलने का लचीलापन मिलता है तथा एंडोमेंट प्लान से बेहतर रिटर्न ले सकते हैं। मार्केट में लगभग हर इंश्योरेंस कंपनी यू एल आई पी स्कीम चलाती है।

Comparison of ULIP schemes as on 19/Jun/2022:-

No.CompanyCurrent AgeMaturity AgePremium TimePremiumBenefitReturn
1Aditya Birla31Y52 Y20Y5k/month30.7 L10.1%
2TATA AIA31Y52Y20Y5k/month55.2 L13.7%
3Max Life31Y52Y20Y5k/month30.2 L10.7%
4HDFC Life31Y52Y20Y5k/month27.4 L10%
5pnb Metlife31Y52Y20Y5k/month32.3 L11.2%
6ICICI Prudential31Y52Y20Y5k/month21.9 L8.5%
Benefit आखरी 10 साल के औसत रिटर्न के आधार पर बताए गए हैं। भूतकाल के रिटर्न भविष्य के रिटर्न की गारंटी नहीं देते हैं।

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5. Moneyback Policy

लगभग हर इंश्योरेंस प्लान में आपको अवधि पूरी होने तक प्रीमियम देना होता है तथा मृत्यु होने या पॉलिसी का समय पूरा होने पर ही आपको पैसे वापस मिलते हैं। ऐसे में मनी बैक पॉलिसी आपके पैसे की समस्या को सुलझाने में आगे आती है। मनी बैक पॉलिसी में समय-समय पर आपको प्रीमियम के हिसाब से पैसे मिलते हैं जिससे कि आपकी कैश की समस्या खत्म होती हैं।

6. Whole Life Insurance

whole-life insurance में आपकी जिंदगी के पूरी अवधि जो कि 100 साल में नहीं गई है तक का बीमा होता है यदि आप 100 साल जी लेते हैं तो पहले से अनुबंधित बीमा का पैसा आपको मिल जाता है तथा समय से पहले मृत्यु होने पर Beneficiary को वह पैसा मिलता है।

7. Group Life Insurance

Group Life Insurance में किसी पूरे समूह का बीमा होता है बिल्कुल Health Insurance की तरह। इसका फायदा यह है कि जब तक आप उस group का हिस्सा होते हैं तब तक यह मान्य होता है और ग्रुप को छोड़ देने पर आपका बीमा समाप्त हो जाता है।

life insurance protection का क्लेम लेते समय कोनसी सावधानियां बरतनी चाहिए:-

  1. कभी भी निवेश और जीवन बीमा को साथ न मिलाएं। कहने का मतलब है Endowment plan कभी न खरीदें। इसका सबसे अच्छा तरीका है आप एक टर्म प्लान लें और बाकी पैसे को कहीं और जैसे जमीन, सोना या शेयर मार्केट में निवेश करें जिससे आपको बेहतर लाभ होगा। निवेश के अलग अलग तरीके कौनसे हैं।
  2. कम या ज्यादा पैसे वाले प्लान न खरीदें। बीमा राशि की गणना करने का एक। आसान तरीका है आपकी वार्षिक आय को 15 से गुना करने पर जो राशि आती है उतनी राशि का ही जीवन बीमा करवाएं।
  3. कभी भी सिर्फ सस्ते प्लान के पीछे न भागना चाहिए। सबसे पहले कम्पनियों के claim settlement Ratio चेक करें जो कम से कम 95% जरूर होना चाहिए। उसके बाद shortlist की हुई कम्पनियों से कम प्रीमियम में बेहतर रिटर्न वाला life insurance policies चुनना चाहिए।
  4. जीवन बीमा हमेशा करवाएं। हो सकता है अभी आपको बीमा की जरूरत न हो लेकिन भविष्य में जब आआपजे बच्चे और बीवी होगी तो निसन्देह आपको जीवन बीमा की जरूरत महसूस होगी।
  5. कभी भी सिर्फ एक इंसान या एजेंट के कहने पर कोई प्लान नही लेना चाहिए। life insurance companies के प्लान की तुलना करें और best life insurance को ही चुनें। सबसे आसान तरीका ऑनलाइन होता है।

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किन किन परिस्थितियों में जीवन बीमा का क्लेम नहीं मिलता है?

  1. यदि बीमा धारक की हत्या हो जाये और उसमें उसके nominee की भूमिका आये तो कम्पनी क्लेम को रिजेक्ट कर सकती है।
  2. यदि बीमाधारक की मृत्यु शराब पीकर या कोई औऱ नशा करके गाड़ी चलाने से हो तो बजी क्लेम रिजेक्ट हो जाएगा
  3. यदि बीमाधारक ने धूम्रपान की आदत को छुपाया है और बाद में कम्पनी को पता चले तो भी क्लेम रिजेक्ट हो सकता है। क्योंकि धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को बीमारियों का ज्यादा खतरा होता है।
  4. बीमाधारक की मृत्यु अगर किसी लम्बी बीमारी के कारण हो तो भी कम्पनी क्लेम को रिजेक्ट कर सकती है। कोई भी ऐसी बीमारी जैसे HIV AIDS/STD आदि बीमारियां शामिल होती हैं।
  5. यदि बीमाधारक को खतरों से खेलना पसंद है तो भी उसकी जान को ज्यादा खतरा रहता है और ऐसी स्थिति में कम्पनी क्लेम को रिजेक्ट कर सकती है।
  6. आत्महत्या करने पर। लगभग हर टर्म प्लान में कम्पनियां आत्महत्या पर कोई क्लेम नहीं देती हैं। लेकिन वर्तमान के जीवन बीमा में कम्पनिया 1 या दो साल बाद आत्महत्या करने पर भी क्लेम देने लगी हैं।
  7. गर्भावस्था में मौत होने पर। आम पालिसी में बच्चे पैदा करते वक़्त हुई मौत के कारण मुआवजा नहीं मिलता है। इसके लिए आपको अपनी पालिसी में गर्भावस्था में मौत को अतिरिक्त पैसे देकर जुड़वाना पड़ता है।
  8. प्राकृतिक आपदा में हुई मौत से भी कम्पनी आपके क्लेम को रिजेक्ट कर सकती है। इसमें आग, बाढ़, तूफान आदि शामिल हैं। 
  9. बीमा लेते समय गलत जानकारी देना या गलत जानकारी document में छप जाना। दोनों में से कोई भी गलती न करें। हमेशा सही जानकारी दें और आपके पालिसी document को खुद चैक करें जैसे उम्र, आय, व्यवसाय, बिमारी आदि। और कुछ गलत होने पर तुरंत कम्पनी को बताकर उसको ठीक कराएं।

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जीवन बीमा के लाभ

  1. सबसे बड़ा लाभ है कि यदि घर में किसी कमाने वाले कि मृत्यु हो जाये तो पूरे परिवार की आर्थिक हालत बहुत खराब हो जाती है। इसलिए आपके जाने के बाद भी परिवार का जीवन सुखपूर्वक चलते रहने के लिए बहुत जरूरी है कि जीवन बीमा अवश्य करवाना चाहिए।
  2. जीवन बीमा में देने वाले प्रीमियम पर इनकम टैक्स में धारा 80C के तहत छूट मिलती है।
  3. जीवन बीमा करा लेने से आपकी भविष्य की चिंताएं कम हो जाती हैं और एक तनावमुक्त जीवन जी सकते हैं।
  4. कुछ स्किम जैसे कि ULIP आदि में आपको जीवन बीमा के साथ निवेश के भी ऑप्शन मिलते हैं। जो धीरे धीरे आपके पैसे को बढ़ाने में मदद मिलती है।

जीवन बीमा पॉलिसी लेने की प्रक्रिया क्या है

जीवन बीमा लेने के लिए नीचे लिखे steps follow करें:-

चरण 1. सबसे पहले निर्धारित करें कि आपको कोनसी पॉलिसी लेनी है।

चरण 2. उसके बाद किसी बीमा एजेंट या ऑनलाइन कम्पनी का सहारा लेकर पालिसी के बारे में बात करें

चरण 3. आपकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और आंकड़ों के हिसाब से कम्पनी एजेंट आपकी स्वास्थ्य चांज के लिए बुला सकते हैं।

चरण 4. उसके बाद आपके इनकम प्रूफ, आधार कार्ड, फोटो, ओर कुछ फॉर्म भरवाकर आपके जीवन बीमा का प्रोसेस पूरा हो जाएगा।

Policy Bazaar से insurance कैसे लें

जीवन बीमा से सम्बंधित सवाल जवाब

लाइफ इंश्योरेंस कितने साल का होता है?

इसमें बीमित व्यक्ति की मौत पर सम एश्योर्ड (Sum Assured) का पेमेंट होता है. रेगुलर प्‍लान की तरह इसमें पॉलिसीधारक की पॉलिसी अवधि के दौरान मौत होने पर बेनिफिट का पेमेंट किया जाता है. हालांकि, इसमें पॉलिसीधारक पॉलिसी अवधि के दौरान जीवित रहता है तो चुकाए गए प्रीमियम का भुगतान किया जाता है. यह अवधि 10-40 साल हो सकती है।

जीवन बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

जीवन बीमा को बचत का माध्यम भी कहा जाता है, पर मेरे ख्याल में दोनों उद्देश्यों को एक ही निवेश पत्र में शामिल करने से बेहतर यह होगा कि हम उन्हें अलग-अलग रूप में ही देखें। जीवन बीमा की आवश्यकता को टर्म प्लान से पूरा किया जा सकता है पर निवेश की आवश्यकता को पृथक व उचित निवेश पत्र से ही पूरा किया जा सकता है।

सबसे अच्छा जीवन बीमा कौन सा है?

  • एलआईसी जीवन उमंग पॉलिसी (Jeevan Umang LIC Plan) एलआईसी की ये आजीवन बीमा है। …
  • एलआईसी न्यू जीवन आनंद पॉलिसी (New Jeevan Anand Policy) …
  • एलआईसी जीवन लाभ पॉलिसी (Jeevan Labh LIC Plan) …
  • एलआईसी जीवन लक्ष्य पॉलिसी (Jeevan Lakshya Policy LIC) …
  • एलआईसी जीवन शांति पॉलिसी (Jeevan Shanti Policy)

एलआईसी में कितने साल में पैसा डबल होता है?

LIC MF की कई स्‍कीम्‍स निवेशकों में काफी पॉपुलर है. कुछ स्‍कीम्‍स में निवेशकों को शानदार रिटर्न मिला है. इनमें 5 साल में निवेशकों का पैसा डबल से ज्‍यादा हो गया है।

एलआईसी का सबसे अच्छा प्लान कौन सा है?

LIC धन रेखा पॉलिसी ( LIC Dhan Rekha Policy ) 13 दिसंबर 2021 को लॉन्च की गई है. इस प्लान का नंबर 863 है. एलआईसी धन रेखा पॉलिसी एक मनी बैक प्लान है. इसमें आपको मनी बैक के अलावा आखिर में गारंटीड बोनस भी मिलता है।

बच्चों के लिए सबसे अच्छी पॉलिसी कौन सी है?

एलआईसी की न्यू चिल्ड्रन मनी बैक प्लान की पॉलिसी 25 साल के लिए की जाती है और इसमें आपको मैच्योरिटी की रकम किस्तों में मिलती है। इसके तहत जब आपका बच्चा 18 साल का होता है तब पहली बार इसका भुगतान किया जाता है। दूसरी बार इसका बच्चे के 20 साल का होने पर और तीसरी बार 22 साल का होने पर भुगतान मिलता है।

एलआईसी पॉलिसी चेक कैसे करें?

  • एसएमएस द्वारा पॉलिसी स्‍टेटस चेक करनें का तरीका (Check Policy Status By SMS) यदि आप अपनी पॉलिसी का स्टेटस चेक करना चाहते है, तो इसके लिए आपको अपनें मोबाइल से 56677 पर एसएमएस करना होगा।
  • लाइफ इंश्योरेंस कारपोरेशन ऑफ इंडिया एक SMS नंबर प्रदान करता है। इसका उपयोग बिना रजिस्ट्रेशन के पॉलिसी की स्थिति को वेरीफाई करने के लिए किया जा सकता है। आपको अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर से ASKLIC <पॉलिसी नंबर> STAT को 56767877 पर SMS करना होगा। 
  • कुछ ऑफीशियल और सरकारी प्रक्रियाओं के लिए व्यक्ति के अस्तित्व के प्रमाण की आवश्यकता होती है। पॉलिसीधारक LIC से एग्ज़िस्टेंस सर्टिफिकेट प्राप्त कर सकते हैं। एग्ज़िस्टेंस सर्टिफिकेट ड्यू की जांच करने के लिए: आपको अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर से ASKLIC <पॉलिसी नंबर> ECDUE को 56767877 पर SMS करना होगा। 
  • लोग अपनी पोलिसीज़ के लिए प्रीमियम के भुगतान की नियत तारीख को भूल जाते हैं। अंतिम एन्युटी रिलीज़ डेट की जांच करें। आपको अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर से ASKLIC <पॉलिसी नंबर> ANNPD को 56767877 पर SMS करना होगा। 
  • हर बार दी जाने वाली राशि को याद रखना आवश्यक है। लेकिन, यह आसान नहीं है। एन्युटी अमाउंट जानने के लिए, आपको अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर से ASKLIC <पॉलिसी नंबर> AMOUNT को 56767877 पर SMS करना होगा। 
  • जब पॉलिसीधारक लेन-देन से के खाते को खाली कर देता है, तो अपर्याप्त धनराशि के कारण चेक बाउंस हो सकता है। चेक रिटर्न की जानकारी प्राप्त करने के लिए, आपको अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर से ASKLIC <पॉलिसी नंबर> CHQRET को 56767877 पर SMS करना होगा। 
  • अधिकांश पोलिसीज़ के लिए किश्तों के वार्षिक भुगतान की आवश्यकता होती है। कभी-कभी किश्त को हाफ-इयरली, क्वार्टरली या मंथली जमा किया जाता है। ऐसी डिपॉजिट्स का विवरण आसानी से प्राप्त किया जा सकता है। इन्स्टालमेन्ट प्रीमियम जानने के लिए, आपको अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर से ASKLIC <पॉलिसी नंबर> PREMIUM को 56767877 पर SMS करना होगा। 
  • इंश्योरेन्स पोलिसीज़ के लिए बोनस राशि भी जमा होती है। यह जानने के लिए कि आपकी पॉलिसी ने बोनस प्राप्त किया है या नहीं, आपको अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर से ASKLIC <पॉलिसी नंबर>BONUS को 56767877 पर SMS करना होगा। 
  • अनदेखी घटनाओं के कारण प्रीमियम राशि का भुगतान नहीं हो पाता। इसके परिणामस्वरूप बीमा पॉलिसी समाप्त हो जाती है। हालांकि, 5 साल के भीतर ऐसी पॉलिसी के रिवाइवल का प्रावधान है। रिवाइवल अमाउंट जानने के लिए, आपको अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर से ASKLIC <पॉलिसी नंबर>REVIVAL को 56767877 पर SMS करना होगा। 
  • बैंक, साथ ही अन्य फाइनैंशियल इंस्टिट्यूशन, इंश्योरेन्स पोलिसीज़ पर लोन प्रदान करते हैं। एक पॉलिसीधारक यह जानना चाहेगा कि उसकी पॉलिसी किसी विशेष समय पर कितना मूल्य प्राप्त कर सकती है। लिए जा सकने वाले लोन की अमाउंट जाँचने के लिए, आपको अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर से ASKLIC <पॉलिसी नंबर>LOAN को 56767877 पर SMS करना होगा। 
  • प्रत्येक इंश्योरेन्स पॉलिसी को एक लाभार्थी को नामांकित किया जाना चाहिए। पॉलिसीधारक की मृत्यु की स्थिति में वे बीमित राशि एकत्रित करते हैं। नॉमिनेशन विवरण जानने के लिए, आपको अपने रजिस्टर्ड फोन नंबर से ASKLIC <पॉलिसी नंबर>NOM को 56767877 पर SMS करना होगा। 

बीमा का मूल आधार क्या है?

जीवन बीमा में एजेंट से आशय फाइनेंशियल एडवाइजर है, जो बीमाधारक को उसकी वर्तमान एवं भविष्य की आय तथा वर्तमान एवं भविष्य के व्यय और जिम्मेदारी के अनुपात के आधार पर ली जाने वाली आवश्यक बीमा राशि की गणना बताता है।

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जीवन बीमा संविदा में क्या क्या लागू है?

जीवन बीमा को बचत का माध्यम भी कहा जाता है, पर मेरे ख्याल में दोनों उद्देश्यों को एक ही निवेश पत्र में शामिल करने से बेहतर यह होगा कि हम उन्हें अलग-अलग रूप में ही देखें। जीवन बीमा की आवश्यकता को टर्म प्लान से पूरा किया जा सकता है पर निवेश की आवश्यकता को पृथक व उचित निवेश पत्र से ही पूरा किया जा सकता है।

पॉलिसी सरेंडर करने पर कितना पैसा मिलता है?

आपने 3 साल प्रीमियम भरने के बाद पॉलिसी सरेंडर करने का फैसला लिया तो उसके पहले साल का प्रीमियम छोड़कर बाकी 2 साल के भरे गए प्रीमियम का 30 फीसदी पैसा वापस मिलेगा. इसमें अतिरिक्त प्रीमियम, टैक्स वगेरह शामिल नहीं हैं।

अगर मैं 3 साल के बाद एलआईसी प्रीमियम का भुगतान करना बंद कर दूं तो क्या होगा?

अगर आप 3 साल के बाद सरेंडर करते हैं तो पहले साल में चुकाए गए प्रीमियम और एक्सीडेंटल बेनिफिट के लिए चुकाए गए प्रीमियम को छोड़कर, सरेंडर वैल्यू भुगतान किए गए प्रीमियम का लगभग 30% होगा। इसलिए, जितना लेट आप पॉलिसी सरेंडर करेंगे उनती वैल्यू अधिक मिलेगी।

3 वर्षों के भीतर मृत्यु दावा को क्या कहा जाता है?

जीवन बीमा पॉलिसी तीन साल पुरानी हो जाने के बाद उसमें दी गयी जानकारी पर सवाल नहीं उठाया जा सकता. किसी जीवन बीमा पॉलिसी में बीमा कंपनी और ग्राहक के बीच तीन साल का संबंध बहुत मायने रखता है. बीमा नियमों के मुताबिक, बीमा कंपनी पॉलिसी खरीदने के तीन साल के अंदर ग्राहक की मौत होने पर दावा खारिज कर सकती है।

बीमा का पैसा कब निकाल सकते हैं?

भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) के साल 2013 के नियम के मुताबिक बीमा अवधि के दौरान जिस तारीख से प्रीमियम भुगतान नहीं किया गया, तब से लेकर दो साल की अवधि के भीतर किसी पॉलिसी को फिर से चालू किया जा सकता है।

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