Fundamental Stock Analysis – Hindi

Which share to buy in Indian Stock Market

शेयर मार्केट में कोई भी स्टॉक खरीदने के लिए विभिन्न तरीकों और सूचकांकों के साथ हर स्टॉक का तुलनात्मक अध्ययन करना चाहिए। इसके अलावा किया गया कोई भी काम नुकसान के अलावा कुछ नहीं देगा। अपने मेहनत से कमाए गए पैसे को इन्वेस्ट करने के लिए थोड़ी और मेहनत करके ही किसी भी स्टॉक का चुनाव करें। इस पोस्ट में उन्हीं आधारभूत बिंदुओं के बारे में जानकारी दी गयी है जिनका अध्ययन करके एक साधारण इंसान भी स्टॉक का चुनाव कर सकता है।

Stock के fundamental parameters

मार्किट कैपिटल (Market Cap)

यह किसी भी कम्पनी की शेयर मार्केट की कुल कीमत होती है। उदाहरण के लिए Infosys (INFY) की Market Cap 7,28,658 करोड़ रुपये है। मार्किट cap ट्रेडिंग के हिसाब से हर रोज़ घटती और बढ़ती रहती है।

शेयर price (Share Price)

Market Cap को अगर कम्पनी के कुल शेयर से भाग देंगे तो एक शेयर की कीमत निकल कर आती है। उदाहरण के लिए Infosys (INFY) का share price 5 फरवरी 2020 को ₹1741.10 है।

Outstanding shares

यह share किसी कंपनी के वह सारे sharr होते हैं जो आईपीओ के समय कंपनी द्वारा निर्धारित किए जाते हैं। इस प्रकार के shares ट्रेडर्स, संस्थान, म्यूच्यूअल फंड और यहां तक कि उस कंपनी के कर्मचारियों द्वारा तक खरीदे और बेचे जाते हैं।

Advertisement

Book Value

यह कीमत शेयर की कीमत से अलग होती है। किसी कम्पनी के कुल assest की कीमत को जोड़कर ,कुल शेयर से भाग देने पर बुक वैल्यू (Book Value) का पता चलता है। उदाहरण के लिए Infosys की बुक वैल्यू 5 फरवरी 2022 को ₹180.05 है जोकि शेयर प्राइस से लगभग 9.5 गुणा कम है। बुक वैल्यू कंपनी की वह कीमत होती है जो कंपनी के दिवालिया होने पर उसके इन्वेस्टर्स को लोन और लायबिलिटी चुकाने के बाद दी जाती है।

Face Value

यह किसी शेर की वह कीमत होती है जिसका निर्धारण आईपीओ के कंपनी द्वारा किया जाता है। यह कीमत ₹1 से ₹10 तक कितनी भी हो सकती है। उदाहरण के लिए डी मार्ट कंपनी के आईपीओ के समय एक share की face value ₹10 रखी थी। Face Value पर हर रोज़ की ट्रेडिंग का प्रभाव नही पड़ता। जबकि शेयर के split या reverse split पर यह कीमत घटती बढ़ती है। उदाहरण के लिए d-mart के 1 शेयर की फेस वैल्यू फिलहाल ₹10 है, अगर कंपनी अपने आउटस्टैंडिंग शेयर दुगने (Split 1:1) करती है तो उस case में उसकी face value आधी यानी 5 रुपए रह जाएगी।

यहाँ पर एक ही फोटो में एक कंपनी के लगभग सारे आंकड़े दर्शाए गये हैं।

Financial Ratios

किसी भी stock का अध्ययन करने तथा उसकी आधारभूत स्थिति का आकलन करने के लिए 8 प्रकार के financial ratios हैं जिनके बारे में हर उस ट्रेडर को पता होना चाहिए जो स्टॉक मार्केट में पैसे इन्वेस्ट करना चाहता है।

Price to book value (P/B Ratio)

इस ratio का आंकलन वर्तमान share price को book value per share से भाग देकर किया जाता है।

P/B Ratio = Market value per share/Book value per share

यह ratio आपको पहले से ही calculated लगभग हर website पर मिल जाता है, जैसे Money Control, Groww, Tickertape आदि। साधारण रूप से P/B Ratio जितना कम होगा उतना बेहतर माना जाता है लेकिन अलग अलग sectors के हिसाब से इस ratio की औसत वैल्यू अलग अलग हो सकती है।

Earning per share (EPS)

EPS किसी कम्पनी द्वारा कमाए गए profit को उसके outstanding share से विभाजित करके निकाला जाता है। यह किसी भी कम्पनी का अध्ययन करने के लिये सबसे महत्वपूर्ण सूचकांक है क्योंकि इसका प्रयोग ओर दूसरे ratios में भी किया जाता है।

EPS= (Net Income – Dividends)/outstanding shares

Price to earning ratio (PE Ratio)

PE Ratio दुनियाभर के investors द्वारा प्रयोग किए जाने वाला सबसे प्रमुख ratio है। इसको निकलने के लिए कम्पनी के market price को पिछले 12 महीने की earning से भाग दिया जाता है। Forward EPS निकलने के लिए आने वाले 12 महीनों की earning से आने वाले 12 महीने के share price से भाग दिया जाता है। Stock का चुनाव करने के लिए कम PE वाले शेयर को तवज्जो दी जाती है। हालांकि कम या ज्यादा PE भी इंडस्ट्री और stock के हिसाब से अलग अलग हो सकता है।

आसान शब्दों में बात करें तो किसी कम्पनी की PE Value जितनी होती है, उस कम्पनी को शेयर की कीमत के बराबर पैसे कमाने में उतने साल लगने वाले हैं।

PE Ratio = Share Price/earning per share

Debt to Equity Ratio (DE Ratio)

Debt-to-equity Ration किसी कम्पनी के उधार लिए हुए और शेयर बेचकर इकठ्ठा किये हुए पैसे का अनुपात होता है। जितना ज्यादा यह Ratio होता है, वह कम्पनी में invest करना उतना ही risky हो जाता है।साधारण आंकड़ों के हिसाब से 1 से ज्यादा debt-to-equity ratio वाली कंपनी के stock में invest नहीं करना चाहिए।

DE Ratio = Debt (loan+borrowings)/equity value

Current Ratio

कंपनी की तरलता (Liquidity) के मूल्यांकन के लिए वर्तमान अनुपात (Current Ratio) एक प्रमुख वित्तीय अनुपात है। यह वर्तमान देनदारियों (Liabilities) को चुकाने के लिए उपलब्ध मौजूदा परिसंपत्तियों (Assets) के अनुपात को मापता है। वर्तमान अनुपात की गणना इस प्रकार की जा सकती है:

Current Ratio = Current Assets/Current Liabilities

यह अनुपात कंपनी की अपनी अल्पकालिक परिसंपत्तियों (Current Assets) के साथ अपनी अल्पकालिक देनदारियों (Current Liabilities) का भुगतान करने की क्षमता को बताता है। यदि अनुपात 1.0 से अधिक है, तो फर्म के पास अल्पकालिक ऋणों की तुलना में अधिक अल्पकालिक संपत्ति है। लेकिन अगर मौजूदा अनुपात 1 से कम है, तो विपरीत सच है और कंपनी कमजोर हो सकती है। एक सामान्य नियम के रूप में, हमेशा 1 से अधिक वर्तमान अनुपात (Current Ratio) वाली कंपनी में निवेश करें।

Return on Equity (ROE)

इक्विटी पर रिटर्न (ROE) शेयरधारकों की इक्विटी के प्रतिशत के रूप में लौटाई गई शुद्ध आय की राशि है। ROE एक निगम की लाभप्रदता को यह बताकर मापता है कि कंपनी शेयरधारकों द्वारा निवेश किए गए धन से कितना लाभ अर्जित करती है। दूसरे शब्दों में, ROE आपको बताता है कि एक कंपनी अपने शेयरधारकों को उनके निवेश के लिए पुरस्कृत करने में कितनी अच्छी है।

ROE = (Net Income)/(Average Stockholder Equity)

सामान्य नियम के अनुसार ऐसी कम्पनी में ही इन्वेस्ट करें जिसका कम से कम पिछले 3 साल का ROE 20% या उसके आस पास रहा हो। हर साल ROE बढ़ने वाली कम्पनी भी रख अच्छा विकल्प होती है।

Price to sales ratio (P/S)

स्टॉक का मूल्य / बिक्री अनुपात (P / S) अनुपात किसी कंपनी के स्टॉक की कीमत को उसकी वार्षिक बिक्री के मुकाबले मापता है। P/S अनुपात P/E अनुपात के समान एक अन्य स्टॉक मूल्यांकन संकेतक है।

Price to Sales Ratio = (Price per Share)/(Annual Sales Per Share)

पी / एस एक महत्वपूर्ण अनुपात है क्योंकि बिक्री के आंकड़ों को अपेक्षाकृत विश्वसनीय माना जाता है, जबकि अन्य आय विवरण आइटम, जैसे कमाई, को विभिन्न लेखांकन नियमों का उपयोग करके आसानी से हेरफेर किया जा सकता है।

Dividend Yield

एक स्टॉक की लाभांश उपज (Dividend) की गणना कंपनी के वार्षिक नकद लाभांश (Net Profit) प्रति शेयर को स्टॉक की वर्तमान कीमत (Share Price) से विभाजित करके की जाती है और इसे वार्षिक प्रतिशत में व्यक्त किया जाता है। गणितीय रूप से, इसकी गणना इस प्रकार की जा सकती है:

Dividend Yield = (Dividend per share)/(Price Per Share)*100

उदाहरण के लिए, यदि किसी कंपनी के शेयर की कीमत 100 रुपये है और वह 10 रुपये का लाभांश दे रही है, तो लाभांश उपज (Dividend Yield)10% होगी।

बहुत सी बढ़ती कंपनियाँ लाभांश नहीं देती हैं, बल्कि अपनी आय को अपनी वृद्धि में पुनर्निवेश करती हैं। इसलिए, यह पूरी तरह से निवेशक पर निर्भर करता है कि वह उच्च या निम्न लाभांश देने वाली कंपनी में निवेश करना चाहता है या नहीं। वैसे भी, एक नियम के रूप में, लगातार या बढ़ती लाभांश उपज लाभांश निवेशकों के लिए एक अच्छा संकेत है।

Advertisement

किसी कम्पनी के Financial Ratio कैसे देखते हैं

वैसे तो लगभग हर स्टॉक मार्केट वेबसाइट आजकल ये सारे Financial Ratio उपलब्ध करवाती है। लेकिन सबसे अच्छी वेबसाइट जिसको मैंने भी use किया है, वह है https://portal.tradebrains.in/

इस वेबसाइट पर जाकर आप किसी भी शेयर का नाम टाइप करें और मिनटों में आपको उस कम्पनी का पूरा इतिहास और वर्तमान निकलकर आ जायेगा। उदाहरण के लिए अगर मुझे Infosys की detail देखनी हैं तो, सर्च बॉक्स में जाकर Infosys टाइप करें और सबकुछ सामने आ जायेगा।

सोर्स: https://portal.tradebrains.in/

नीचे scroll करके हर वो जानकारी मिल जाएगी जिसकी आपको जरूरत है।

Infosys कम्पनी के अलग अलग Ratio पिछले 5 साल के आँकड़े

इस वेबसाइट पर एक ही सेक्टर की अलग कम्पनियों के तुलनात्मक अध्ययन भी उपलब्ध है।

सोर्स: https://portal.tradebrains.in/

Fundamental analysis के आधार पर कोनसा IT Stock बेहतर है?

कम्पनीROEPBPEDEProfit Growth
Infosys27.1210.3841.010.006.48%
TCS42.0214.7844.950.007.89%
WIPRO22.066.0030.990.1310.5%
HCL21.567.0436.690.018.52%
TECHM18.265.3933.210.005.23%
LTI29.7013.7061.530.0020.3%
ऊपर के टेबल का अध्ययन करने से पता चलता है कि फिलहाल WIPRO का share सबसे सस्ता और फायदेमंद हो सकता है। हालांकि कोई भी फैसला लेने से पहले खुद की research जरूर करें।

स्टील सेक्टर में कोनसा stock बेहतर है

कम्पनीROEPBPEDECRGrowth
Tata Steel16.501.3111.000.310.81-17.7%
JSW19.752.6519.311.050.808.38%
SAIL9.250.8111.090.870.69NA
APL11.3413.7572.600.341.1531.6%
JINDAL14.872.5023.730.941.046.9%
जवाब है TATA STEEL, क्योंकि कम्पनी ने पिछले साल Profit में 382℅ की बढ़ोतरी की है। ROE, PB और PE अच्छा होने के साथ साथ कम्पनी का DE Ratio भी सबसे कम है। तथा steel एक बड़ा उद्योग होने और स्टील की कीमत में काफी उतार चढ़ाव होने के कारण debt को कम रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसलिए भविष्य में जब भी बुरा दौर आएगा तो यह कम्पनी उससे उभरने में सबसे ज्यादा सक्षम दिखाई देती है।

Banking में कौनसा स्टॉक बेहतर है

कम्पनीROEPBPEDEGrowth
HDFC16.613.6827.000.6719.98%
ICICI12.563.5034.390.6312.55%
Kotak12.475.3753.440.3723.63%
Axis7.062.2437.651.41-2.93%
IndsIND7.391.6426.531.195.08%
IDBI4.681.6238.400.52NA
आकंड़ों के हिसाब से HDFC BANK सबसे अच्छा शेयर है लेकिन KOTAK MAHINDRA BANK में भी पैसे लगाए जा सकते हैं। हालांकि कुछ भी फैसला लेने से पहले खुद का अध्ययन जरूर करें।

Auto Sector में कौनसा stock बेहतर है

कम्पनीPEPBROEDECRGrowth
Hero18.323.4720.2301.79-19.8%
Bajaj22.664.0920.1902.51-6.81%
Eicher53.377.2314.9103.60-26.3%
TVS51.216.5915.720.270.75-4.86%
Atul0.001.51-3.420.051.53-115.05%
Maruti62.415.078.480.011.15-22.67%
M&M3792.800.780.221.34-37.74%
Hindustan66.19-10.070.00-0.510.22NA
Tata0.009.96-13.111.140.6011.44%
Ashok0.006.06-4.430.540.90-149%
Force0.000.82-5.830.351.00-346%
LML0.005.44-41.690.990.82NA
वर्तमान और भविष्य की परिस्थितियों को देखते हुए Maruti Suzuki सबसे बेहतर position पर है। हालांकि 2020 और 2021 में कोरोना के कारण sales ओर profit गिरे हैं लेकिन आने वाले सालों में demand बढ़ने के साथ ही ये सब parameter सुधर जाएंगे। दूसरा स्टॉक Tata Motors है। हालांकि कम्पनी अभी Loss में है लेकिन अच्छी टेक्नोलॉजी और बेहतर मैनेजमेंट इसको भविष्य में ऑटोमोबाइल का लीडर बना सकता है। खासकर Tata की इलेक्ट्रिक गाड़ियों में बढ़त और बेहतर सेफ्टी फीचर इसको बाकियों से बेहतर बनाते हैं।

Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *