How I defeated Coronavirus at Home मैंने घर पर रहकर कोरोना वायरस को कैसे हराया

Covid-19 के खिलाफ सबसे सबसे बड़ा हथियार है, जल्दी पहचान, सकारात्मक सोच, तरल पदार्थों का सेवन औऱ पौष्टिक खाना।

पहली बार लक्षणों का अनुभव

16 अप्रैल 2021, मैं अपने बैड पर सो रहा था। एक साइड मेरी पत्नी, बीच मे 3 साल का लड़का और दूसरी साइड में मैं था। सुबह के लगभग 4 बज रहे होंगे, जब अचानक मेरी नीदं खुल गयी और थोड़ी असहजता के साथ गले में हल्का सा दर्द हो रहा था। लेकिन गले का दर्द मेरे लिए एकदम सामान्य था क्योंकि रात में कूलर चलाने से सर्दी के कारण गले मे दर्द होना कोई अदभुत बात नही थी। सामान्य तौर पर मैं 6 बजे उठता हूँ, वो भी फोन का अलार्म बजने के बाद, लेकिन उस सुबह मेरा सोने का मन नहीं कर रहा था औऱ मुझे अंदर से बुखार जैसा महसूस हो रहा था। थोड़ी देर सोने का असफल इंतजार करने के बाद मैं 4:35 पर बैड से उठकर दूसरे कमरे में चला गया, वहां जाने के बाद मैंने अपना तापमान मापा जोकि 97.8°F था लेकिन मुझे अंदर से बिल्कुल बुखार जैसी Feeling के साथ साथ थोड़ी असहजता भी महसूस हो रही थी। वैसी असहजता जोकि एक बीमारी में महसूस होती है औऱ जो आराम करने से भी दूर नहीं होती। मैंने हल्का गर्म पानी पिया और थोड़ी देर गरारे भी किये जिससे हमेशा की तरह मेरे गले का दर्द कम हो गया, लेकिन असहजता और बुखार की feeling अभी भी कम नही हो रही थी। दूसरे कमरे में सोफे पर बैठकर में अपने मोबाइल फोन को देखने लगा लेकिन जो मोबाइल फोन हाथ मे आते ही सारे दुख दर्द दूर कर देता था आज बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था। ऐसे करके मैने 6:30 बजा दिए और दोबारा अपना तापमान देखा तो वो 98.3°F तक पहुंच गया था। तब जाकर मुझे यकीन हो गया कि आज शरीर में कुछ तो गड़बड़ है; क्योंकि मेरा तापमान कभी 97.5°F से ऊपर जाता नहीं है लेकिन आज सुबह सुबह ही ज्यादा दिखा रहा था। मैंने सुबह 7 बजे आफिस में छुट्टी के लिए फोन कर दिया तथा Docs App जोकि online Dr consultation एप्लिकेशन है, के द्वारा डॉक्टर लवकुश कुमार MBBS MD से बात की और उनको अपनी हालत के बारे में बताया। डॉक्टर ने क्योंकि मुझे बुखार नहीं था इसलिए COVID टेस्ट के लिये मना कर दिया औऱ Upper Respiratory Infection के लिए कुछ दवाइयां दी औऱ बुखार के लिए मॉनिटरिंग करने की सलाह दी। 

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डॉक्टर द्वारा बताई गई दवाइयां। लेकिन आपको किसी डॉक्टर की सलाह के ये दवाइयां नहीं खानी है। आपके लक्षणों के आधार पर दवाईयां अलग हो सकती हैं।
डॉक्टर लवकुश कुमार

कोरोना वायरस के लक्षणों के बारे में महत्वपूर्ण बातें

हालांकि कोरोना वायरस के कुछ लक्षण जैसे शरीर मे दर्द होना, थकावट होना, बुखार होना आदि अन्य बीमारियों जैसे वायरल फीवर में भी होते हैं। लेकिन कोरोना वायरस के प्रभाव को देखते हुए सबसे पहले इसी का टेस्ट कराना चाहिए और खुद को सबसे अलग कर लेना चाहिए ताकि दूसरों को ये बीमारी ना फैले। मेरे अनुभव के आधार पर मैं कुछ मुख्य बातें बता रहा हूं लेकिन ये किसी रिसर्च पर आधारित नहीं हैं, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले डॉक्टर की सलाह आवश्यक है:

  1. कोरोना वायरस में थकावट में आपको आराम नहीं मिलता है, लेकिन साधारण थकावट में सोने या आराम करने से थकावट दूर हो जाती है।
  2. असहजता महसूस होती है और आपको पसंदीदा काम जैसे इंटरनेट प्रयोग करना भी अच्छा नहीं लगता है।
  3. अंदर से बुखार जैसी feeling आती है, बेसक आपको बुखार न आये।
  4. हालांकि मुझे स्वाद और गंध दोनों आ रहे थे फिर भी खाने और पीने का मन नहीं करता। आपका पसंदीदा खाना भी आपको अच्छा नहीं लगता। जो चीजें आप खुश होकर खाते हैं, वो भी आपको पसंद नहीं आएंगी।
  5. इसके अलावा बुखार जोकि 100°~101°F तक होता है, लगातार आएगा। हालांकि बुखार का स्तर अलग अलग हो सकता है औऱ बिल्कुल भी बुखार नहीं हो सकता है।
  6. कुछ लोगों में सुखी खांसी औऱ बदहजमी जैसे लक्षण भी होते हैं।

कोरोना का पहला टेस्ट

डॉक्टर से बात करके मुझे कुछ सांत्वना मिली लेकिन मेरी असहजता और बुखार वाली फीलिंग बढ़ती जा रही थी, मुझे अंदर ही अंदर महसूस हो रहा था कि कुछ तो इस है जो ठीक नहीं है और डॉक्टर पकड़ नहीं पा रहा है। (यहां पर यह ध्यान देना जरूरी है कि डॉक्टर केवल लक्षणों के आधार पर इलाज करते हैं आपकी feeling के आधार पर नहीं। इसलिए कोरोना के कुछ ऐसे लक्षण जैसे बुखार की फीलिंग होना पर बुखार नही होना को डॉक्टर मुख्य लक्षण नहीं मानते)। अंत मे 9 बजे मैंने decide किया कि मैं Covid का टेस्ट कराने जाऊंगा और पत्नी को एक कमरा खाली करने के लिये बोल दिया जिसमें बाथरूम अलग था। 9:30 के आसपास मैं सरकारी हस्पताल पहुंचा औऱ काफी देर ढूंढने के बाद आखिरकार मुझे वो जगह मिल गयी जहां कोरोना का RT-PCR टेस्ट हो रहा था। कमरा नम्बर 99 में रजिस्ट्रेशन कराना था, जिसकी फीस मात्र 5 रुपये थी और इसके लिए मेरे मोबाइल नम्बर औऱ आधार नम्बर की आवश्यकता हुई। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद कमरा नम्बर 121 में मैंने अपनी स्लीप जमा करवा दी औऱ डॉक्टर के कहने पर अपनी बारी का इंतज़ार करने लगा। लगभग 1.5 घण्टे बाद मेरा नम्बर आया। टेस्ट करने वाले ने नाक औऱ गला दोनों जगह से नमूने लिए और मेरे नाम से दो अलग अलग बोतलों में रख लिये तथा मुझे स्लीप के एक हिस्से के साथ जाने को कहा, मेरे पता करने के बाद उन्होंने रिपोर्ट के लिये मुझे 2 दिन इंतेज़ार करने को कहा। नमूने लेने के बाद मेरे मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें ID, SRF ID औऱ एक रिपोर्ट डाऊनलोड करने का लिंक दिया हुआ था।

कोरोना टेस्ट के नमूने देने के बाद आया हुआ मेसेज। जिसमें सैंपल के नंबर के साथ साथ रिपोर्ट डाऊनलोड करने का लिंक भी दिया हुआ है। जिसपे क्लिक करके रिपोर्ट डाऊनलोड की जा सकती है।

रिपोर्ट का इंतज़ार

अब जबकि मैंने लगभग मान लिया था कि मुझे कोरोना संक्रमण हुआ है, मैंने इसके लिए खुद को तैयार करना शुरू कर दिया था। हस्पताल से लोटते समय मैंने 2 किलो आम, 2 किलो अनार, 2 किलो पपीता, 1 किलो अंगूर, 2 किलो खरबूजा लिया तथा घर आ गया। पत्नी ने कहे अनुसार एक कमरे को सिर्फ मेरे लिए छोड़ दिया था जिसमें बाथरूम साथ में ही था जिससे मुझे बार बार घर के अंदर ना आना पड़े। यहां आपको यह ध्यान रखना है कि बेशक आप रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं लेकिन कोरोना नहीं कर रहा है, वो बिना रिपोर्ट के भी फैल सकता है। इसलिए अपने परिवार औऱ अन्य लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए बहुत जरूरी है कि पहला लक्षण आते ही आप खुद को अलग करलें जब तक कि आपकी रिपोर्ट नेगेटिव नही आ जाती। घर आते समय मैं डॉक्टर की बताई हुई दवाइयां और एक Oximeter भी ले आया था। दोपहर 1 बजे घर पहुँचकर सबसे पहले मैंने अपने खाने, पीने के बर्तन अपने कमरे में रखवाए।

%SpO2=98 और bpmPR=83 (%SpO2 खून में ऑक्सीजन के स्तर को दर्शाती है। एक स्वस्थ व्यक्ति में यह स्तर 95 से 100℅ के बीच मे होना चाहिए। यह स्तर अगर 90 से कम होता है तो तुरंत आपको डॉक्टर के पास जाना चाहिए। ऐसे ही सामान्य bpm स्तर 72 होता है। हालांकि 80 से ऊपर का स्तर ज्यादा और 70 से नीचे कम माना जाता है। फिर भी आपको डॉक्टर की सलाह लेनी जरूरी है। खासकर दिल के रोगियों को bpm का ध्यान रखना जरूरी होता है।)

मैंने खाना खाया, हालांकि खाना बिल्कुल भी अच्छा नहीं लग रहा था फिर भी दवाइयां लेने के लिए मैंने खा लिया। खाने के बाद मैंने दवाइयां ली, तब तक मेरा तापमान 99.5°F तक पहुंच गया था। मेरा SpO2 97 औऱ bpm 125 दिखा रहा था। मैंने फिर से उसी डॉक्टर से सलाह ली औऱ मेरे तापमान को देखकर डॉक्टर ने मुझे कोरोना टेस्ट कराने को बोला औऱ रिपोर्ट आने तक वही दवाईयां खाने को कहा। दवाइयां लेने के बाद मेरा तापमान कुछ कम हुआ और मुझे दोबारा नींद आ गयी। जब एक घण्टे बाद मेरी दोबारा नींद खुली तो कुछ आराम महसूस हो रहा था लेकिन असहजता अभी भी बनी हुई थी। मैं अपने शरीर को लेकर बहुत sensitive हूँ और छोटी से छोटी कठिनाई भी मुझे महसूस हो जाती है। मैंने बड़ी बारीकी के साथ अपने शरीर को महसूस किया और मुझे निम्न चीजें महसूस हुई

  • असहजता (शरीर को आराम नहीं महसूस हो रहा था, ना सोने का मन कर रहा था,ना बैठने का, ना घूमने का और ना मोबाइल देखने का)
  • शरीर में दर्द, मुख्य रूप से पीठ के नीचे वाले हिस्से में हल्की गर्मी के साथ जोकि रीढ़ की हड्डी में महसूस हो रही थी।
  • आंखें लाल रंग के साथ गर्म लग रही थी
  • गर्म सांसे जो बुखार में लगती हैं
  • भूख और प्यास का अहसास कम होना (मतलब पानी पी रहा था पर सामान्य प्यास नहीं लग रही थी और पीने के बाद सन्तुष्टि भी नही हो रही थी। बस ज्यादा से ज्यादा गर्म पानी पीने की कोशिश कर रहा था)
  • और शरीर मे अभूतपूर्व कमजोरी
हर दिन के हिसाब से कोरोना वायरस के लक्षण

लक्षणों की पहली रात की परेशानी

16 अप्रैल 2021, शुक्रवार

ऐसे ही शाम हो गयी तथा खाने के बाद मैंने दवाइयां ली औऱ करीब 10 बजे के आस पास सो गया। दवाइयों की वजह से मुझे नींद तो आ गयी पर रात को करीब 2 बजे के आस पास मेरी नीदं खुल गयी। समस्या थी वही असहजता और बुखार। लेकिन इस बार मुझे फेफड़ों मे दर्द जैसा भी महसूस हो रहा था। मैंने जल्दी से oxymeter से ऑक्सीजन स्तर चैक किया जोकि 97 औऱ bpm 121 था। निसन्देह मेरा bpm rate नॉर्मल से बहुत ज्यादा था। तापमान भी 99.2°F था। लेकिन जो चीज मुझे सबसे ज्यादा परेशान कर रही थी वो थी फेफड़ों में चुभन। मेरी दोनों साइड कांटो जैसी चुभन महसूस हो रही थी। हालांकि यह ज्यादा नहीं थी फिर भी नार्मल से तो ज्यादा ही थी। मुझे सांस लेने में भी हल्की सी कठिनाई महसूस हुई पर ये ज्यादा नही थी, बिल्कुल नॉर्मल से थोड़ी ज्यादा थी। मैंने बुखार के लिए PCM ली और करीब 1 घण्टे तक बैठा रहा और बार बार अपना ऑक्सीजन और बुखार चैक कर रहा था। ऑक्सीजन का स्तर तो 97-98 ही था लेकिन बुखार कम होते ही मेरा bpm भी 100 से नीचे आ गया था। इसके बाद भी जैसे ही मैं लेट रहा था फेफड़ों में हल्की सी चुभन महसूस होने लगती थी।अंत में इंतजार करके मैंने पत्नी को उठाया और गर्म पानी मे जीरा उबालकर लाने को कहा। (जीरा उबालना मैंने कहीं पढ़ा नहीं था औऱ न ही किसी से पूछा था बस जीरे की महक मुझे अछि लगती है इसलिए पानी मे जीरा उबालने को बोला)। उस पानी से मैंने करीब 15 मिनट तक भाप ली औऱ लेटकर सोने की कोशिश करने लगा। चमत्कारी रूप से मेरी फेफड़ों की चुभन गायब हो गयी और मुझे नींद आ गयी।

लक्षणों का दूसरा दिन

17 अप्रैल 2021, शनिवार

सुबह करीब 7 बजे मेरी आँख खुली, मेरे शरीर की हालत इस प्रकार थी:

  • असहजता अब कम थी लेकिन कमजोरी बहुत ज्यादा महसूस हो रही थी।
  • तापमान 99.2°F
  • SpO2 94 (हालांकि थोड़ी देर टहलने के बाद SpO2 का स्तर 98 हो गया था तो हो सकता है नींद में ऑक्सीजन का स्तर कम हो गया होगा) इसलिए मेरे हिसाब से ध्यान रखें कि रात में कोरोना के शुरुआती दिनों में कम से कम एक बार भाप अवस्य लें जिससे ऑक्सिजन का स्तर नीचे ना जाए
  • BPM 110 (फिर से शायद बुखार के कारण, लेकिन अगर आपका bpm स्तर लगातार ज्यादा है तो डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए, खासकर दिल के रोगियों को)
  • मूड थोड़ा बेहतर लग रहा था, पहले वाले दिन से और मैने उठते ही मोबाइल फोन को उठा लिया।
  • गले का दर्द गायब था, नाक भी साफ लग रही थी, सांस भी नॉर्मल आ रहा था।
  • छाती में हल्का सा दबाव महसूस हो रहा था, लेकिन क्योंकि ऑक्सीजन स्तर नॉर्मल था तो ये दबाव ज्यादा आराम करने व बैठे रहने का भी हो सकता था, इसलिए मैंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

इसके बाद मैंने गर्म पानी मे नींबू डालकर पिया तथा तुरन्त fresh हो लिया। इसके बाद black coffee के साथ 2 आटे के बिस्किट खाये और बुखार कम करने के लिए फिर से PCM ली। करीब आधे घण्टे बाद मेरा तापमान 98.3°F आ गया और bpm स्तर भी 88 हो गया था। फिर मैंने हर घंटे गर्म पानी पीना जारी रखा जिसकी वजह से मेरा समय बाथरूम में ज्यादा गुजर रहा था। 11 बजे के आस पास मैंने 4 रोटी और सब्जी खाई। हालांकि खाने में स्वाद सिर्फ 20% ही आ रहा था फिर भी मैं खाने को स्वाद के आधार पर पहचान सकता था। खाने के बाद मैंने दवाइयां ली और फिर 1 घंटे के लिए सो गया। सोके उठने के बाद मुझे ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही थी और हल्का बुखार भी लग रहा था। मैंने तापमान चैक किया जो 99.8°F और SpO2 97, BPM 108 था। फिर से 2 बजे मैन PCM ली औऱ आधे घण्टे बाद मेरा बुखार और bpm दोनों कम हो गए। इसी बीच मैंने हर 1 घण्टे में पानी और हर 2 घण्टे बाद कुछ खाना जारी रखा। हालांकि मेरा दोंनो ही काम करने का मन बिल्कुल भी नहीं हो रहा था, फिर भी खाने और पीने के बाद मेरी थकावट और कमजोरी कम हो रही थी।बीच में परिवार और सगे सम्बंधियों के फोन आ रहे थे, कोई कुछ बता रहा था, कोई वायरल फीवर बता रहा था, पर मुझे अंदर से मालूम था कि ये कोई साधारण बुखार नहीं बल्कि कोई अलग ही बीमारी थी जिसने मुझे 1 दिन में ही बहुत ज्यादा थका दिया था, इतना कि चार कदम बाथरूम तक जाने के लिये भी मुझे मेहनत करनी पड़ रही थी। यहाँ ध्यान देने योग्य जो बात जरूरी है वो यह है कि बेसक आपका मन खाने और पीने का नहीं करेगा लेकिन कुछ भी करके आपको खुद को खाने और पानी पीने के लिए उत्साहित करना है। अगर कोई दोस्त या परिवार का सदस्य साथ है तो अच्छी बात है लेकिन अगर आप अकेले हैं तो भी हर घण्टे पानी पीना और हर 2 घण्टे खाना जरूरी है। मेरा वो दिन ऐसे ही निकल गया, उसके बाद शाम को 9 बजे फिर से 99.6°F बुखार आया जो pcm लेने से कम हुआ। लेकिन इस रात को मैंने सोने से पहले 10:30 बजे जीरा उबले हुये पानी की भांप ली और सो गया। लेकिन इस रात मुझे कोई परेशानी नहीं हुई।

परिणाम औऱ लक्षणों का तिसरा दिन

18 अप्रैल 2021, रविवार

हर रोज़ की तरह 6:30 पर मेरी आँख खुल गयी। मेरे शरीर की हालत इस प्रकार थी:

  • असहजता अब कम थी लेकिन कमजोरी बहुत ज्यादा महसूस हो रही थी।
  • तापमान 99.1°F,
  • SpO2 97%
  • BPM 105
  • मूड थोड़ा बेहतर लग रहा था।
  • आज थोड़ा नाक बंद लग रहा था लेकिन मेरी अच्छी खासी कोशिश के बाद भी नाक से कुछ निकल नहीं रहा था।
  • छाती का दबाव अब बिल्कुल नॉर्मल था, बल्कि छाती 17-अप्रैल की अपेक्षा आज थोड़ी हल्की लग रही थी।

लक्षणों के हिसाब ये एक सकारात्मक सुबह थी। मैंने अपने रूटीन के हिसाब से निम्बू और शहद का गर्म पानी पिया तथा फ्रेश होने के बाद ब्लैक कॉफी के साथ 2 बिस्किट खाने के बाद pcm ली और मोबाइल फोन के साथ busy हो गया। आधे घण्टे बाद मेरा तापमान और bpm दोंनो ही कम हो गए। आज मेरे covid टेस्ट के परिणाम का भी दिन था तो मैं सुबह से ही आये हुए मेसेज के लिंक पर क्लिक करके रिपोर्ट को डाऊनलोड करके देखने लगा। लेकिन रिपोर्ट में मेरे नाम, फोन नम्बर और सैंपल नम्बर के अलावा कुछ अपडेट नहीं किया गया था। आज रविवार भी था तो मैं यही सोच रहा था कि शायद सोमवार को ही रिपोर्ट मिलेगी। मैंने अपनी दिनचर्या के हिसाब से ही 11 बजे खाना (रोटी और सब्जी) खाके दवाइयां ली। इसके बाद मैंने लगभग 11:30 बजे आरोग्य सेतु एप्लिकेशन को खोलकर देख रहा था। जैसे ही मैंने अपनी डीटेल्स डाली तो मुझे हल्का सा डर महसूस हुआ,मेरा स्टैट्स बदलकर लाल हो चुका था और मेरे नम्बर को कोरोना पॉजिटिव दिखा रहा था। हालांकि मैं खुद को पहले से तैयार कर चुका था, फिर भी परिणाम की देखकर मुझे डर महसूस हुआ।

आरोग्य सेतु एप्लिकेशन पर दिखाया गया कोरोना वायरस संक्रमण का सत्यापन। यहाँ ध्यान देने योग्य जो बात है, वह है कि आपके सैंपल और आरोग्य सेतु एप्लिकेशन का मोबाइल नंबर एक ही होना चाहिए। अगर दोंनो जगह आपने अलग अलग नम्बर दिया होगा तो इस एप्लिकेशन में आपका स्टेटस सही से अपडेट नहीं हो पायेगा।

इलाज की तैयारी

हालांकि पहले लक्षण से ही मैं कोरोना वायरस का ही इलाज कर रहा था, फिर भी डॉक्टर ने मुझे रिपोर्ट का परिणाम बताने को बोला था। तो मैंने डॉक्टर को फोन किया और रेपोर्ट के बारे में बताया। उन्होंने मुझे ज्यादा टेंसन लेने से मना किया और कुछ दिन में ही ठीक हो जाने का आश्वासन दिया। साथ ही हर 5 घण्टे में अपना ऑक्सिजन स्तर और बुखार चैक करने की सलाह दी तथा एक दवाई और अतिरिक्त दी। जब तक मैं दवाईयां मंगवाता, मैंने अपने कमरे को और ज्यादा बाकी घर से अलग करने के इंतजाम किए। नीचे दिए गए तरीके अपनाकर आप घर के बाकी लोगों को संक्रमण से बचा सकते हैं।

कोरोना संक्रमण में Home Isolation कैसे करें

  • सबसे पहले संक्रमित व्यक्ति को मास्क लगाना चाहिए, वो भी सर्जिकल मास्क। यह मास्क बात करते समय, खांसते समय और छींकते समय पूरी तरह से लगा होना चाहिए।
  • जब भी आप अपने परिवार के किसी सदस्य से बात करें या कुछ लेने के लिये दरवाजा खोलें तो दोनों को मास्क लगाना अनिवार्य है।
  • यदि अलग कमरा नहीं है तो संक्रमित व्यक्ति को 24 घण्टे मास्क लगाना और 6 फिट की दूरी रखना अनिवार्य है।
  • यदि बाथरूम सबका एक ही है तो प्रयोग करने के बाद प्रयोग वाली जगह को अल्कोहल आधारित सैनीटाइजर से छिड़काव करें।
  • कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति के शरीर मे 14 दिनों तक रहता है ,इसलिए ये सारे इंतजाम भी उसी हिसाब से करने चाहिए और एक गलती भी आपके पूरे परिवार को संक्रमित कर सकती है।
  • संक्रमित व्यक्ति के खाने और पीने के बर्तन बिल्कुल अलग होने चाहिए और उनको धोना भी संक्रमित व्यक्ति को ही चाहिए। तथा 14 दिनों तक संक्रमित व्यक्ति द्वारा प्रयोग की गई चीजों का इस्तेमाल किसी अन्य व्यक्ति द्वारा नहीं किया जाना चाहिए।
  • कोरोना वायरस मुँह ओर नाक के द्वारा ही फैलता है इसलिए ज्यादा बीमार होने पर संक्रमित व्यक्ति को सहारा और खाना पीना दिया जा सकता है, किंतु उसके बाद अपने हाथों को साबुन से अच्छी तरह से साफ कर लेना चाहिए।

रिपोर्ट का रिजल्ट आने के बाद मैंने डॉक्टर से दोबारा बात की। उन्होंने मुझे इन सब दवाइयों में एक दवाई और जोड़ने की सलाह दी। अब सब करने के बाद मेरे द्वारा ली गयी दवाइयां इस प्रकार थी।

दवाईकितने दिन तकलेने का तरीका
PARACETAMOL
650MG
101-1-1 (5 दिन)
1-0-1 (3 दिन)
0-0-1 (2 दिन)
AZITHROMYCIN
500MG
50-0-1
ZINC ACETATE
50MG
151-0-1
TABLATE LIMCEE
500MG
151-0-1
OMEPRAZOL
40MG
51-0-0
IVERMECTIN 12MG30-0-1
DOXYCYCLINE
100MG
51-0-1
MULTIVITAMINE101-0-1
गुनगुना पानी (4 लीटर)15हर घण्टे
नारियल पानी101-0-1
फल (कीवी, पपीता,
खरबूजा, अनार,
मौसमी, तरबूज,
अंगूर, आम आदि)
15हर 2 घण्टे बाद
प्रोटीन (अंडे, पनीर, दाल,
चना, दूध आदि)
15हर रोज़ रात को
गर्म पानी की भाप
(10 मिनट तक)
151-1-1
ये दवाइयां मैंने डॉक्टर की सलाह से ली थी। बिना डॉक्टर की सलाह के ये दवाइयां अपनी मर्ज़ी से नहीं लेनी चाहिए।

18 अप्रैल की शाम और रात बिना किसी मुसीबत के गुजर गई। हालांकि मैं दिन में कम से कम 3 बार PCM ले रहा था और हर 5-6 घण्टे में मुझे 99.5°F के करीब बुखार भी आ रहा था।

प्रतिदिन के हिसाब से लक्षणों का ब्यौरा

तारीखदिनलक्षण
16 अप्रैलपहलाथकावट, कमजोरी, बुख़ार (98-101), असहजता, गले में खराश, भूख में कमी
17 अप्रैलदूसराथकावट, कमजोरी, बुख़ार (98-101), असहजता, भूख में कमी
18 अप्रैलतीसराथकावट, कमजोरी, बुख़ार (98-101), असहजता, भूख में कमी, स्वाद में कमी, सुंगध में कमी, Confusion, याददाश्त में कमी, नाक में रुकावट जैसा महसूस होना
19 अप्रैलचौथाथकावट, कमजोरी, बुख़ार (98-100), असहजता, भूख में कमी, स्वाद में कमी, सुंगध में कमी, Confusion, याददाश्त में कमी, नाक में रुकावट जैसा महसूस होना
20 अप्रैलपांचवाथकावट, कमजोरी, बुख़ार (98-100), असहजता, भूख में कमी, स्वाद में कमी, सुंगध में कमी, Confusion, याददाश्त में कमी, नाक में रुकावट जैसा महसूस होना
21 अप्रैलछटाथकावट, कमजोरी, तापमान (97-98.6), भूख में कमी, स्वाद में कमी, सुंगध में कमी, नाक में रुकावट जैसा महसूस होना
22 अप्रैलसातवांथकावट, कमजोरी, तापमान (97-98.6), भूख में कमी, स्वाद में कमी, सुंगध में कमी, नाक में रुकावट जैसा महसूस होना
23 अप्रैलआठवांकमजोरी, तापमान (97-98.4), भूख में कमी, स्वाद में कमी, सुंगध में कमी
24 अप्रैलनोवांकमजोरी, तापमान (97-98.4), भूख में कमी, स्वाद में कमी, सुंगध में कमी
25 अप्रैलदसवांकमजोरी, तापमान (97-98.4), भूख में कमी, स्वाद में कमी, सुंगध में कमी
26 अप्रैल11वांकमजोरी, तापमान (97-98.4), भूख में कमी, स्वाद में कमी, सुंगध में कमी
27 अप्रैल12वांकमजोरी, तापमान (97-98)
28 अप्रैल13वांकमजोरी, तापमान (97-98)
29 अप्रैल14वांकमजोरी

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दस दिन बाद भी बुखार आना

हालांकि मुझे लगभग 70% के करीब ठीक लग रहा था। लेकिन एक समस्या जो मुझे परेशान कर रही थी, वो था मेरे तापमान का ज्यादा होना जोकि औसत 98.4°F रहता था, जबकि COVID से पहले मेरा औसत तापमान 97.5°F था। इसके लिए मैंने दोबारा डॉक्टर से सलाह ली और मुझे उन्होंने निम्न टेस्ट कराने को कहा:

  1. D Dimer (खून के थक्के चैक करने के लिए)
  2. CRP
  3. ESR
  4. CBC (Complete Blood Count)
  5. LFT (Lever Function Test)
  6. KFT (Kidney Function Test)

मैंने 25 अप्रैल को ही अपना ब्लड सैंपल दे दिया। लेकिन लैब में मरीजों का ज्यादा दबाव होने की वजह से मुझे रिपोर्ट 28 अप्रैल को मिली। रिपोर्ट का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार था:

टेस्टपरिणामडॉक्टर की सलाह
D Dimer0.27mg/LNormal
CRP0.42mg/LNormal
ESR2mm/hrNormal
Hemoglobin15.6g/dLNormal
TLC Count7.23thou/mm3Normal
Platelet Count225thou/mm3Normal
Segmented Neutrophils51%Normal
Lymphocytes38.3%Normal
Monocytes7.60%Normal
KFT (Urea)19.86mg/dLNormal
LFT (SGOT)51 U/LExcess
LFT (SGPT)90 U/LExcess
LFT (GGTP)100 U/LExcess
Blood Test के परिणाम। Fatty लिवर के अलावा सारे परिणाम नॉर्मल हैं। डॉक्टर ने कोई दवाई नहीं बताई। सिर्फ तले हुए खाने के परहेज बताए थे।

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COVID-19 NEGATIVE

मैंने 14वें दिन, 29 अप्रैल को दोबारा सैंपल दिया RTPCR करने के लिए। हालांकि किसी लैब की गलती की वजह से मुझे रिपोर्ट 10 मई को मिली थी, लेकिन वो नेगेटिव थी। मुझे वैसे भी खुद ही महसूस हो गया था कि मेरी रेपोर्ट नेगेटिव ही आने वाली है। क्योंकि खुद मेरे अंदर से ठीक होने की आवाज आ रही थी।

नेगेटिव होने के बाद, आरोग्य सेतु एप्लिकेशन का अपडेट

नेगेटिव होने के बाद भी आपको बहुत सारी चीजों का ध्यान रखना है। जैसे:

  1. ठंडी चीजों का बिल्कुल भी सेवन न करें, खासकर फ्रीज़ की चीजों का। ये आपके अंदर दोबारा बलगम और गले मे खराश जैसी समस्याओं का कारण बन सकती हैं।
  2. बेसक कोरोना वायरस नेगेटिव हो गया है, फिर भी उसके द्वारा किया गया नुकसान ठीक होने में कई महीनों तक का समय लग सकता है। इसलिए पौष्टिक खाना औऱ तरल पदार्थों का सेवन जारी रखें।
  3. शारीरिक मेहनत करने में जल्दबाजी बिल्कुल न करें। हालांकि आपको बिल्कुल बिस्तर पर पड़े भी नही रहना है, पैदल चलना आदि कर सकते हैं, लेकिन शरीर को ज्यादा तकलीफ देने से समस्या बढ़ सकती है।

निष्कर्ष

कोरोना वायरस एक वायरल इंफेक्शन है। इसकी अब तक कोई दवाई नहीं बनाई गई है। इसलिए किसी के कहे सुने पर विश्वास ना करें और डॉक्टर की सलाह के बगैर कोई दवाई अपने आप नहीं लें खासकर जब आप बीपी, शुगर या अन्य किसी बीमारी से पहले ग्रसित हों।

सबसे जरूरी है लक्षणों की पहचान कर लेना और बीमारी को स्वीकार करना। अगर आप पॉजिटिव आ जाते हैं, तो जब तक बुखार रहे तब तक उबला हुआ खाना, 4 से 5 लीटर पानी और फल खाएं। ऑक्सिजन स्तर और बुखार की जांच करते रहें। सांस लेने में परेशानी, ऑक्सिजन स्तर 94℅ से कम होने पर तुरन्त डॉक्टर से सलाह लें। परिवार के बाकी सदस्यों से खुद को अलग करलें और 14 दिन बाद ही उनसे मिलें।

रिपोर्ट नेगेटिव आने बाद भी फ्रीज़ की ठंडी चीजों से परहेज करें। पौष्टिक खाना खाएं और तरल पदार्थों का सेवन करें। तले हुए और बाजार के खाने जैसे पिजा, बर्गर आदि से परहेज करें। आपको पूरी तरह ठीक होने में 2 से 3 महीनों का समय लग सकता है।

सबसे जरूरी है सकारात्मक रहें औऱ नकारात्मक बातों से खुद को दूर रखें। इन सब बातों का ध्यान रखकर इस कोरोना वायरस रूपी राक्षस हो हराया जा सकता है।

सवाल जवाब

कोरोना वायरस के लक्षण क्या हैं?

बदन दर्द, बुखार, खांसी, स्वाद और गंध में कमी या बिल्कुल न आना, सांस लेने में परेशानी, असहजता मुख्य लक्षण हैं। इनमें से आपको अगर कोई भी लक्षण है तो टेस्ट जरूर कराएं।

कोविड होने पर सबसे पहला काम क्या करना चाहिए

सबसे पहले आपको खुद को सबसे अलग कर लेना चाहिए। केवल लक्षण आने पर ही आपको isolation में चले जाना चाहिए, बिना रिपोर्ट का wait किये। उसके बाद किसी डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

कोविड से ठीक होने के लिए क्या सावधानी बरतनी चाहिए

Oximeter से हर 4 घण्टे में ऑक्सिजन स्तर चैक करना चाहिए। अगर Spo2 स्तर लगातार 94℅ से कम है और सांस लेने में परेशानी है तो तुरंत डॉक्टर की सलाह पर हस्पताल जाना चाहिए।

कोविड होने पर सबसे महत्वपूर्ण दिन कोनसे हैं?

वैसे तो कोविड होने से लेकर पूरी तरह ठीक होने तक हर दिन महत्वपूर्ण है। फिर भी अलग अलग डॉक्टरों के हिसाब से पहले पांच दिन बहुत महत्वपूर्ण हैं। अगर इन पांच दिनों में आपका बुखार, खांसी और सांस लेने की तकलीफ बढ़ती नहीं है तो आप खतरे से बाहर हो।

कोविड होने पर कौनसे टेस्ट कराने चाहिए?

RTPCR के अलावा कोई भी टेस्ट आपको डॉक्टर की सलाह से ही कराने चाहिए। लेकिन फिर भी पहले या तीसरे दिन CBC, ESR, CRP आदि टेस्ट कराने चाहिए। और अगर सांस लेने में थोड़ी सी भी दिक्कत या खांसी है तो छाती का CT SCAN भी करा लेना चाहिए। जिससे आपको बीमारी के स्तर का सही अंदाजा लग सके।

क्या नेगेटिव रेपोर्ट आने पर तुरन्त काम शुरू किया जा सकता है?

कम संक्रमण के कुछ मामलों में हफ्ते या 10 दिन में भी रेपोर्ट नेगेटिव आ सकती है। लेकिन वायरस फिर भी 14 दिन तक शरीर में सक्रिय रह सकता है। इसलिए कम से कम 14 दिनों तक isolation के नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है।

नोट : इस लेख में लिखी गयी सब बातें मेरे साथ घटित हुई हैं या अनुभव के आधार पर हैं। हर इंसान में लक्षण औऱ परिस्थितियां अलग हो सकती हैं। इसलिए किसी भी इलाज से पहले डॉक्टर की सलाह लेना अनिवार्य है।

Comments

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